नई दिल्ली: आईटी कंपनियों के तिमाही नतीजे मुनाफे वाले आ रहे हैं। कंपनियों ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में जमकर कमाई की है। टीसीएस और एचसीएल के बाद अब इंफोसिस का भी मुनाफा बढ़ गया है। ऐसे में उम्मीद लगाई जा रही है कि भारतीय शेयर बाजार गिरावट के दौर से उबर कर नई ऊंचाई पर पहुंच सकता है। अब निवेशकों की नजर सोमवार को बाजार खुलने पर होगी।
आईटी कंपनी इंफोसिस ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही की नतीजा जारी किया। इस तिमाही में कंपनी ने 7,823 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले साल की इसी तिमाही के 7,364 करोड़ रुपये के मुकाबले 6% ज्यादा है। हालांकि, कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष के लिए रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान घटा दिया है। कंपनी ने अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।
रेवेन्यू में 11% की तेजी
इंफोसिस का ऑपरेशंस से रेवेन्यू जुलाई-सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 11% बढ़कर 49,244 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह 44,485 करोड़ रुपये था। जून तिमाही के मुकाबले कंपनी का नेट प्रॉफिट 0.7% बढ़ा है। पिछली तिमाही में यह 7,769 करोड़ रुपये था। वहीं, रेवेन्यू में तिमाही आधार पर 2% की बढ़ोतरी हुई है।
कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना आधार पर 10.4% बढ़कर 10,330 करोड़ रुपये रहा। ऑपरेटिंग मार्जिन 21% रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के बराबर है। कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष के लिए ऑपरेटिंग मार्जिन का अनुमान 20% से 22% पर बरकरार रखा है।
26 रुपये डिविडेंड की घोषणा
इंफोसिस ने शेयरधारकों के लिए 26 रुपये प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। इसके लिए 3 नवंबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है। रिकॉर्ड डेट के आधार पर तय होगा कि किन शेयरधारकों को डिविडेंड मिलेगा।
AI से होने वाला रेवेन्यू 29% बढ़ा
इंफोसिस के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े कारोबार में भी तेजी आई है। कंपनी का AI रेवेन्यू पिछली तिमाही के मुकाबले 29% बढ़ा और कुल रेवेन्यू में इसकी हिस्सेदारी 10.5% रही। कंपनी के मुताबिक, ग्राहक काम को ऑटोमेट करने, उत्पादकता बढ़ाने और तकनीक के जरिए कारोबार में बदलाव लाने के लिए AI का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं।
टीसीएस का कितना बढ़ा मुनाफा?
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने भी मुनाफा कमाया है। कंपनी ने कुछ दिनों पहले नतीजे जारी किए थे। टीसीएस ने 13,884 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह जून तिमाही के 13,349 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 4% ज्यादा है। एआई कारोबार से टीसीएस का रेवेन्यू 3 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है। कंपनी ने शेयरधारकों के लिए 12 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड का भी ऐलान किया है।
एचसीएल का कैसा रहा रिजल्ट?
एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCL Tech) का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 21.2% बढ़कर 5,132 करोड़ रुपये हो गया। पिछली तिमाही में यह 4,626 करोड़ रुपये था। कंपनी ने शेयरधारकों को हर इक्विटी शेयर पर 12 रुपये का अंतरिम डिविडेंड देने का भी ऐलान किया है।
कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू जून तिमाही के 34,579 करोड़ रुपये से करीब 3% बढ़कर सितंबर तिमाही में 35,620 करोड़ रुपये हो गया। सालाना आधार पर इसमें 11.5% की बढ़ोतरी हुई। कंपनी ने एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से 219 मिलियन डॉलर का रेवेन्यू हासिल किया। यह पिछली तिमाही के मुकाबले 28.4% और सालाना आधार पर 78% ज्यादा है।
शेयर बाजार को तेजी की उम्मीद
आईटी कंपनियों के वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजों से सोमवार को शेयर बाजार में आईटी शेयरों पर खास नजर रह सकती है। टीसीएस, एचसीएल टेक और इंफोसिस के मुनाफे में बढ़ोतरी से निवेशकों का भरोसा मजबूत हो सकता है। खासकर एआई से बढ़ती कमाई और बड़ी डील मिलने की खबरें आईटी सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत हैं। हालांकि, इंफोसिस ने कमजोर मांग का हवाला देते हुए रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान घटाया है, जो चिंता का विषय हो सकता है।
सोमवार को बाजार की शुरुआत तेजी के साथ होगी, इसकी गारंटी नहीं है। शुक्रवार को सेंसेक्स 0.17% और निफ्टी 0.39% गिरकर बंद हुए थे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और कमजोर वैश्विक संकेत बाजार पर दबाव डाल सकते हैं।


































