खाना खाने के कुछ ही समय बाद फिर से तेज भूख लगना कई बार सामान्य लग सकता है। लेकिन अगर यह लगातार हो रहा है और इसके साथ बहुत ज्यादा प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, थकान या बिना कोशिश के वजन कम होना जैसे लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार लगातार और असामान्य भूख ब्लड शुगर से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकती है। डायबिटीज होने पर इस तरह की तेज या बार-बार भूख को आमतौर पर पोलिफैगिया कहा जाता है। लेकिन, हर बार अधिक भूख लगने को आप डायबिटीज से जोड़कर नहीं देख सकते हैं। कुछ मामलों में भूख पर नींद, फिजीकल एक्टिविटी, भोजन की मांग, स्ट्रेस, कुछ दवाओं और कई अन्य कारक भी असर डालते हैं। इसलिए लगातार बढ़ी हुई भूख के साथ दूसरे लक्षण और ब्लड ग्लूकोज की जांच को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
हाइपरफैगिया क्या है?
क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार हाइपरफैगिया का मतलब सामान्य जरूरत से ज्यादा खाना या बहुत अधिक भूख लगना है। डायबिटीज के संदर्भ में ज्यादा भूख लगने के लिए पॉलीफैगिया शब्द ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। सामान्य स्थिति में शरीर खाने से मिलने वाले ग्लूकोज को एनर्जी के लिए इस्तेमाल करता है। जब हम खाना खाते हैं, कार्बोहाइड्रेट्स टूटकर ग्लूकोज में बदलते हैं और खून में पहुंचते हैं। इसके बाद इंसुलिन ग्लूकोज को खून से सेल्स के अंदर ले जाने में मदद करता है, जहां इसका इस्तेमाल फ्यूल के रूप में किया जा सकता है या इसे बाद के लिए स्टोर किया जा सकता है।
डायबिटीज में इंसुलिन पर्याप्त मात्रा में नहीं बनता, इंसुलिन ठीक से काम नहीं करता या दोनों समस्याएं मौजूद हो सकती हैं। इसका परिणाम ब्लड ग्लूकोज के बढ़ने के रूप में सामने आ सकता है। इसी मेटाबॉलिक गड़बड़ी के साथ कुछ लोगों को लगातार भूख लग सकती है।
डायबिटीज में बार-बार भूख क्यों लगती है?
इंसुलिन और ब्लड ग्लूकोज का भूख से क्या कनेक्शन है?
भूख सिर्फ पेट खाली होने से तय नहीं होती। ब्रेन, हॉर्मोन, ब्लड ग्लूकोज और एनर्जी बैलेंस मिलकर भूख को रेगुलेट करते हैं। इंसुलिन इस सिस्टम का जरूरी हिस्सा है। यह ब्लड ग्लूकोज को सेल्स तक पहुंचाने और एनर्जी स्टोरेज/यूटिलाइजेशन को रेगुलेट करने में भूमिका निभाता है।
एनसीबीआई के अनुसार ह्यूमन रिसर्च में ग्लूकोज और इंसुलिन के भूख पर असर को सीधे स्टडी किया गया है। एक एक्सपेरिमेंटल स्टडी में इंसुलिन लेवल बढ़ने पर, जबकि ग्लूकोज को स्थिर रखा गया था, पार्टिसिपेंट्स में भूख और खाने का इंटेक बढ़ने की संभावना देखी गई।
क्या बार-बार भूख लगना हमेशा डायबिटीज का संकेत है?
- भोजन में प्रोटीन या फाइबर की कमी
- बहुत कम कैलोरी इनटेक
- ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी
- पर्याप्त नींद न लेना
- स्ट्रेस या इमोशनल ईटिंग
- भोजन के बीच बहुत लंबा अंतर
- कुछ दवाएं
- हार्मोनल या मेटाबोलिक कंडीशन
- लो ब्लड ग्लूकोज यानी हाइपोग्लाइसीमिया
खाना खाने के थोड़ी देर बाद बार-बार भूख लगना हमेशा सामान्य नहीं माना जाना चाहिए, खासकर अगर यह लगातार हो और इसके साथ प्यास बढ़ना, बार-बार पेशाब आना, थकान या बिना कोशिश के वजन कम होना जैसे लक्षण भी मौजूद हों। डायबिटीज में ज्यादा भूख को आमतौर पर पॉलीफैगिया कहा जाता है। इंसुलिन और ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म में बदलाव भूख रेगुलेशन को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन भूख का मैकेनिज्म काफी जटिल है। रिसर्च में ग्लूकोज और इंसुलिन दोनों के भूख पर अलग-अलग प्रभाव देखे गए हैं। यदि आपको यह लक्षण महसूस हो रहे हैं तो ऐसे में आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।































