भोपाल। मध्य प्रदेश में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने शुक्रवार को केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह प्रोजेक्ट से प्रभावित परिवारों के मुआवजे, ग्राम सभा की कार्यवाही और पुनर्वास से जुड़े अधिकारों की रक्षा करने में नाकाम रही है।
सिंघार ने इन कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि कई प्रभावित परिवारों का दावा है कि उनका मुआवजा दूसरे लोगों को दे दिया गया, जबकि असली हकदार छूट गए।
केन-बेतवा प्रोजेक्ट में गड़बड़ियां हुई हैंः सिंघार
सिंघार ने ANI से कहा, केन-बेतवा प्रोजेक्ट में गड़बड़ियां हुई हैं। अगर प्रभावित और विस्थापित लोग कह रहे हैं कि उनका मुआवजा किसी और को दिया गया है, तो सरकार ने जांच क्यों नहीं कराई? ऐसे लोगों को भी मुआवजा मिला है जो वहां रहते ही नहीं हैं।
फिर ग्राम सभा की कार्यवाही का मामला है। जिस व्यक्ति को सरपंच दिखाया गया, वह उस समय सरपंच था ही नहीं। मेरा मानना है कि ये सभी घोटाले हैं जो दस्तावेजी सबूतों से सामने आए हैं।
बोले-अधिकारी जमीनी हालात से अनजान हैं
कांग्रेस नेता ने जिला प्रशासन की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि अधिकारी जमीनी हालात से अनजान हैं। उन्होंने राज्य सरकार से मामले की जांच के लिए एक समिति बनाने का आग्रह किया। सिंघार ने कहा, वहां के कलेक्टर जमीनी हकीकत से पूरी तरह अनजान हैं। उन्हें जमीन पर असल स्थिति का पता नहीं है। मुझे लगता है कि सरकार को तुरंत एक जांच समिति बनानी चाहिए और मामले की जांच करानी चाहिए।
राजनीतिक फंडिंग का आरोप भी लगाया
कांग्रेस नेता ने प्रोजेक्ट के कॉन्ट्रैक्ट से राजनीतिक फंडिंग का आरोप भी लगाया। उन्होंने पूछा कि क्या NCC लिमिटेड, जो केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के तहत निर्माण कार्य में शामिल है, उसने इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए भाजपा को 60 करोड़ रुपये का चंदा दिया था? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या चंदे और कॉन्ट्रैक्ट मिलने के बीच कोई संबंध है। सरकार चुप क्यों है?
कांग्रेस नेता सिंघार ने आगे कहा, मेरा मानना है कि भाजपा को गंभीरता और संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। निष्पक्ष जांच का आदेश देने में क्या समस्या है? वह जिम्मेदार लोगों को क्यों बचाना चाहती है?
भारतीय होने की पहचान में क्या कमी है?
इस बीच, जब उनसे प्रस्तावित यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के बारे में पूछा गया, जिसे अगली कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिलने की संभावना है, तो विपक्ष के नेता ने कहा कि भारत एक ऐसा देश है जहां सभी समुदायों के लोग मिलकर त्योहार मनाते हैं और उन्होंने ऐसे उपायों की जरूरत पर सवाल उठाया।
जहां तक UCC बैठक की बात है, आप जानते हैं कि भाजपा इसे इतनी जल्दबाजी में क्यों आगे बढ़ाना चाहती है। लेकिन मेरा मानना है कि देश और राज्य भर में लोग मिल-जुलकर रहते हैं और सभी त्योहार मनाते हैं। आप बंटवारा क्यों पैदा करना चाहते हैं? अगर इस देश का हर व्यक्ति भारतीय है, तो भारतीय होने की पहचान में क्या कमी है?
मॉनसून सत्र में कांग्रेस कई मुद्दे उठाएगी
इसके अलावा, मध्य प्रदेश विधानसभा के आगामी मॉनसून सत्र में सिंघार ने कहा कि कांग्रेस कई मुद्दे उठाएगी, जिनमें उज्जैन में जमीन से जुड़ी कथित अनियमितताएं, किसानों से जुड़े मामले, बेरोजगारी, भर्ती में कथित अनियमितताएं और मूंग की खरीद व खाद की उपलब्धता से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।

































