केपटाउन: ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला बेहद रोमांचक बन चुका है। इस मैच के आखिरी दिन ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 288 रनों की जरूरत है। वहीं, दक्षिण अफ्रीका को सभी 10 विकेट लेने होंगे। ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए तीन सत्र में 288 रन बनाना मुश्किल काम नहीं है, लेकिन पिच पांचवें दिन की है, जिसमें स्पिन गेंदबाजों को मदद मिलेगी। वहीं, तेज गेंदबाजों को भी असामान्य उछाल मिलेगा। ऐसी पिच पर दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज बेहद खतरनाक हो जाते हैं।
मैच के चौथे दिन का खेल शुरु होने पर दक्षिण अफ्रीका के पास 40 रन की बढ़त थी और टीम के 6 विकेट बचे हुए थे। ऐसा लग रहा था कि ज्यादा से ज्यादा 2 सेशन में अफ्रीकी टीम ऑल आउट हो जाएगी। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के सामने 200 रन से कम का लक्ष्य होगा, जिसे हासिल कर कंगारू टीम मैच और सीरीज अपने नाम कर सकती है। हालांकि, मैच में हुआ कुछ और ही।
रिकेल्टन और मुल्डर ने किया कमाल
दक्षिण अफ्रीका के लिए रिकेल्टन ने ब्रीट्ज्के के साथ 50 रन की पार्टनरशिप की, फिर उन्होंने मुल्डर के साथ मिलकर इस सीरीज की सबसे कीमती साझेदारी की। इस जोड़ी ने छठे विकेट के लिए 154 रन जोड़े। यहीं से मैच बदल गया। रिकेल्टन 219 गेंदों में 101 रन बनाकर आउट हुए। वहीं, वियान मुल्डर ने 115 रन की पारी खेली। मार्को यान्सेन इस मैच में कोई रन नहीं बना सके, लेकिन रिकेल्टन और मुल्डर के बीच साझेदारी के चलते अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए बड़ा लक्ष्य रखा है। इस मैदान में ऑस्ट्रेलिया ने 2002 में 331 रन का लक्ष्य हासिल किया था। यह मैच जीतने के लिए 24 साल बाद कंगारू टीम को 288 रन का दूसरा सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल करना होगा।
मुल्डर ने मुश्किल हालातों में पूरा किया शतक
वियान मुल्डर ने रिकेल्टन के साथ साझेदारी कर दक्षिण अफ्रीका की बढ़त 200 रन के पार पहुंचा दी थी और ऑस्ट्रेलिया के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य बन चुका था। जब रिकेल्टन आउट हुए तो अफ्रीकी टीम ने अपने अगले 3 विकेट 16 रन पर गंवा दिए। जब 11वें नंबर के बल्लेबाज रबाडा बैटिंग करने आए, तब मुल्डर 82 रन पर थे। इसके बाद मुल्डर ने स्ट्राइक अपने पास ही रखी। उन्होंने रबाडा को हर ओवर में ज्यादा से ज्यादा 2 बॉल ही खेलने दी। अंत में उन्होंने अपना चौथा टेस्ट शतक बनाया और मैच को रोमांचक मोड़ पर पहुंचा दिया।






























