भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने जनहित और बुनियादी ढांचे के विकास को ध्यान में रखते हुए कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई है। सरकार ने जहां एक ओर राज्य मंत्रियों के विवेकाधीन कोटे में बढ़ोतरी की है, वहीं दूसरी ओर निर्माण कार्यों की बढ़ती लागत से ठेकेदारों को राहत देने का रास्ता साफ किया है।
मंत्रियों का स्वैच्छानुदान बढ़ा: अब मिलेगी ₹25,000 की मदद
कैबिनेट ने राज्य मंत्रियों के स्वैच्छानुदान की सीमा में महत्वपूर्ण वृद्धि करने का निर्णय लिया है।
नई सीमा: अब राज्य मंत्रियों का स्वैच्छानुदान 16 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया है।
लाभ: इस निर्णय के बाद राज्य मंत्री साल भर में किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति की एक बार में अधिकतम 25,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता कर सकेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों की त्वरित मदद करना आसान होगा।
छोटे ठेकेदारों को राहत: डामर (बिटुमिन) की बढ़ती कीमतों की भरपाई करेगी सरकार
लोक निर्माण विभाग (PWD) के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों के लिए भी सरकार ने एक बड़ा तकनीकी निर्णय लिया है…
लागत की भरपाई: बिटुमिन (डामर) की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी के कारण निर्माण कार्यों की लागत बढ़ रही थी। अब इस बढ़ी हुई लागत का भार सरकार स्वयं वहन करेगी।
पात्रता: यह व्यवस्था 10 करोड़ रुपये से कम लागत वाले ठेकों पर प्रभावी होगी।
उद्देश्य: इस कदम से छोटे और मध्यम ठेकेदारों को वित्तीय नुकसान से बचाया जा सकेगा और विकास कार्यों की गति धीमी नहीं पड़ेगी।
































