सूरजपुर। विश्व रेड क्रॉस दिवस के पावन अवसर पर शासकीय नवीन महाविद्यालय चांदनी बिहारपुर में एक प्रेरणादायी कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें मानवता की सेवा, रेड क्रॉस आंदोलन के ऐतिहासिक महत्व एवं उसके मूल उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। कार्यशाला महाविद्यालय के अतिरिक्त प्रभारी प्राचार्य रंजीत कुमार सातपुते के कुशल मार्गदर्शन में तथा महाविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी एवं रेड क्रॉस समिति के संगठक धीरेंद्र कुमार जायसवाल के सफल संचालन में संपन्न हुई।
रेड क्रॉस की स्थापना, उद्देश्य एवं महत्व पर हुई विस्तृत चर्चा :
कार्यशाला के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समक्ष रेड क्रॉस की स्थापना के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, इसके मूल उद्देश्यों एवं वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता के बारे में सारगर्भित जानकारी प्रदान की गई। वक्ताओं ने बताया कि रेड क्रॉस आंदोलन मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्वैच्छिक सेवा, एकता एवं सार्वभौमिकता के सात मूलभूत सिद्धांतों पर आधारित है, जो विश्वभर में युद्ध, आपदा एवं संकट की घड़ी में पीड़ित मानवता की निःस्वार्थ सेवा का पर्याय बन चुका है।
मानवता की सेवा में स्वयं को समर्पित करने का आह्वान :
कार्यशाला में वक्ताओं ने उपस्थित जनों से आह्वान किया कि वे इस पावन अवसर का उपयोग मानवता की सेवा में स्वयं को समर्पित करने के संकल्प के रूप में करें। उन्होंने कहा कि किसी भी पीड़ित व्यक्ति की सहायता करते समय जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र अथवा किसी अन्य प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। तटस्थ रहकर निष्पक्ष भाव से ‘पीड़ित को केवल पीड़ित समझकर‘ उसकी सेवा करने की भावना ही रेड क्रॉस का सच्चा संदेश है।
सभी को दिलाई गई रेड क्रॉस शपथ :
कार्यक्रम के दौरान संगठक धीरेंद्र कुमार जायसवाल ने उपस्थित समस्त छात्र-छात्राओं, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को रेड क्रॉस की शपथ दिलाई। शपथ के माध्यम से सभी ने मानवता की सेवा, पीड़ितों की सहायता एवं समाज में करुणा, सहानुभूति तथा सेवा भावना के प्रसार का सामूहिक संकल्प लिया। शपथ ग्रहण के दौरान महाविद्यालय परिसर में सेवा एवं समर्पण की भावना का सजीव वातावरण निर्मित हुआ।
छात्र-छात्राओं की रही उत्साहपूर्ण भागीदारी :
कार्यशाला में सचिन मिंज, रामनिवास पटेल, अर्जुन प्रधान, अदीप मिंज, अखिलेश रवि, लक्ष्मी साहू, हरिशंकर ढहरिया सहित महाविद्यालय के अन्य कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत प्रेरणादायक बताते हुए ऐसे आयोजनों की सराहना की और कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं युवा पीढ़ी में सेवा भावना एवं सामाजिक सरोकार के बीज बोने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
युवाओं में सेवा भावना के संचार का सशक्त माध्यम :
महाविद्यालय प्रशासन ने इस अवसर पर कहा कि रेड क्रॉस जैसे मानवीय आंदोलनों से जुड़कर युवा पीढ़ी न केवल सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन करना सीखती है, बल्कि उनके व्यक्तित्व विकास में भी इन गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। भविष्य में भी महाविद्यालय द्वारा रेड क्रॉस समिति के तत्वावधान में रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम एवं अन्य सेवा गतिविधियों का सतत आयोजन किया जाएगा।






































