कीव: यूक्रेन में पिछले 5 साल से युद्ध लड़ रहे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बड़ा झटका लगा है। एक विश्लेषण से खुलासा हुआ है कि अक्टूबर 2023 के बाद रूस को पहली बार अपनी जमीन को गंवाना पड़ा है। यह इलाका बहुत छोटा है लेकिन यह दिखाता है कि यूक्रेन की सेना पलटवार कर रही है। इससे पहले यूक्रेन ने अपनी ड्रोन सेना की मदद से रूस के कब्जे वाले एक इलाके पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया था। वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी माना है कि इस जीत को ड्रोन सेना ने दिलाई है। इस सफलता के बाद अब यूक्रेन ने योजना बनाई है कि वह बड़े पैमाने पर इंसानी सैनिकों की जगह पर रोबोट और ऑटोनॉमस सिस्टम को शामिल करेगा।
यूक्रेन का कहना है कि उसने लड़ाई शुरू होने के बाद पहली बार जो यह जीत हासिल की है, उसमें एक भी इंसान की मदद नहीं ली गई। इस दौरान किसी भी यूक्रेनी सैनिक की मौत नहीं हुई। The Economist मैगजीन के वार ट्रैकर ने सैटलाइट तस्वीरों की मदद से खुलासा किया है कि रूस को पहली बार अपनी जमीन को खोना पड़ा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों ही देशों के बीच लड़ाई में कोई कमी नहीं आई है। यहीं नहीं यह लड़ाई रूस के पक्ष में नहीं जाती दिख रही है। इसमें अनुमान जताया गया है कि 12 मई तक रूस के 280,000 से लेकर 518,000 के बीच सैनिक मारे गए हैं।
यूक्रेन को रूस से युद्ध में कितना हुआ नुकसान
रिपोर्ट के मुताबिक इस लड़ाई में कुल 11 लाख से लेकर 15 लाख लोग मारे गए हैं। इसका मतलब है कि रूस की युद्ध से पहले की कुल पुरुष आबादी का 3 प्रतिशत या तो मारे गए हैं या घायल हो गए हैं। वहीं यूक्रेन की बात करें तो थिंक टैंक CSIS का मानना है कि दिसंबर तक 6 लाख लोग हताहत हुए हैं। यह रूस के मुकाबले में काफी ज्यादा है। रूसी पक्ष की ओर जहां मरने वालों की तादाद बढ़ रही है, वहीं युद्ध के मोर्चे पर कुछ जीत भी हासिल हुई है। रूसी ज्यादा बढ़त नहीं बना पा रहे हैं क्योंकि यूक्रेनी ड्रोन युद्ध के मोर्चे से काफी दूर हैं।The Economist की रिपोर्ट में कहा गया है कि रूसी सैन्य यूनिट के लिए यह काफी कठिन हो गया है कि वे बिना निशाना बने आगे बढ़ पाएं। इसके बाद भी रूसी सेना धीरे-धीरे ही सही लेकिन आगे बढ़ रही है। रूसी सेना ने इस साल करीब 220 किलोमीटर का इलाका कब्जा किया है जो यूक्रेन की कुल जमीन का 0.04 फीसदी है। वहीं यूक्रेन ने जवाबी हमला तेज किया है जिससे उसने 189 वर्ग किमी के इलाके पर फिर से कब्जा किया है।
यूक्रेन ने ड्रोन सेना पर लगाया दांव
यूक्रेन अब तेजी से ड्रोन सेना बनाने पर फोकस कर रहा है। यूक्रेन और ब्रिटेन की संयुक्त कंपनी UFORCE ने 150,000 युद्धक मिशनों को अंजाम दिया है। यह हवा, समुद्र और जमीन तीनों पर किया गया है। यूक्रेन चाहता है कि कम अवधि में 30 फीसदी सैनिकों को युद्ध के सबसे खतरनाक इलाके से हटा दिया जाए और उनकी जगह पर रोबोट या आटोनॉमस तकनीक का इस्तेमाल किया जाए। यूक्रेन का अगला लक्ष्य है कि युद्ध के मोर्चे पर सामान पहुंचाने का पूरा काम रोबोट को सौंप दिया जाए। यूक्रेनी सेना ने इस योजना को अमलीजामा पहुंचाने के लिए अगले 6 महीने में ही 25,000 अनमैंड ग्राउंट व्हीकल को खरीदने की योजना बनाई है।






































