अशोकनगर: मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले में अद्वैत मत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री आनंदपुर ट्रस्ट में इन दिनों 198 पाकिस्तानी श्रद्धालु ठहरे हुए हैं। ये सभी श्रद्धालु आगामी 12 अक्टूबर तक चलने वाले धार्मिक आयोजनों में भाग लेने भारत आए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
आनंदपुर ट्रस्ट परिसर में श्रद्धालुओं के ठहरने के स्थान पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ईसागढ़ थाने की पुलिस 24 घंटे की फुल-टाइम ड्यूटी पर तैनात है। साथ ही विशेष निगरानी रख रही है। श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों के पवित्र स्थान ‘विवेक वन’ (समाधि व श्मशान परिसर) में जाकर पूजा-अर्चना और धार्मिक रीतियां निभाईं।
24 घंटे रखी जा रही निगरानी
अशोकनगर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक विदेश से आए नागरिकों की सुरक्षा और मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सभी नागरिक परिसर के अंदर ही मौजूद हैं और पुलिस 24 घंटे उनकी सुरक्षा में तैनात है। साथ ही उनकी प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। इतने दिनों की चेकिंग और निगरानी में कोई भी संदिग्ध बात या गतिविधि सामने नहीं आई है, जिससे सुरक्षा का कोई खतरा उत्पन्न हो।
दस्तावेजों की जांच
दस्तावेजों का वेरिफिकेशन पूरा हो गया, कोई संदिग्ध बात नहीं मिली अशोकनगर एसपी ने बताया कि जिले में आए सभी श्रद्धालुओं के पासपोर्ट वीजा एवं सभी वैधानिक दस्तावेजों की गहन जांच और वेरिफिकेशन कर लिया गया है। जांच के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध बात या व्यक्ति सामने नहीं आई है।
फैमिली के साथ आए हैं लोग
सभी श्रद्धालु अपने परिवारों के साथ आए हैं। कड़ी चेकिंग सख्त सुरक्षा मानकों का पालन भी कर रहे हैं। सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल के तहत पाकिस्तानी श्रद्धालुओं को परिसर से बाहर और खुले बाजार में जाने या किसी भी बाहरी अज्ञात व्यक्ति से मिलने की अनुमति नहीं है।
दुल्हन की तरह सजा आश्रम, आसमान पर अकेला भारत का नक्शा
गौरतलब है कि आनंदपुर ट्रस्ट में 20 सितंबर को आनंदपुर धाम के पंचम पादशाही के 100 जन्मोत्सव मनाया गया। जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आनंदपुर पहुंचे। इसे लेकर पूरे आनंदपुर को आकर्षक रूप से दुल्हन की तरह सजाया गया और धाम में हजारों श्रद्धालुओं के रुकने की व्यवस्था भी की गई।
इस बीच धाम पर कई धार्मिक आयोजन, पवित्र स्नान ,पूजा का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही 500 ड्रोन से आसमान में पंचम पादशाही और भारत का नक्शा आसमान में उकेरा गया और आगामी 12 अक्टूबर को मुख्य कार्यक्रम होगा ,तब तक सुरक्षा बल पूरे प्रोटोकॉल के साथ तैनात रहेगा और इस मुख्य उत्सव में भाग लेने के बाद श्रद्धालु अपने देश लौट जाएंगे।































