नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पहले माना जा रहा था कि उनका कार्यकाल 2027 वनडे विश्व कप तक बढ़ाया जाएगा। लेकिन इंग्लैंड दौरे के दौरान हुए घटनाक्रम ने तस्वीर बदल दी है। अब बीसीसीआई के भीतर इस बात पर मंथन चल रहा है कि अगरकर को एक साल का विस्तार दिया जाए या फिर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के क्रिकेट प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण को मुख्य चयनकर्ता की जिम्मेदारी सौंपी जाए।
वीवीएस लक्ष्मण को सिलेक्टर बनाने पर विचार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फिलहाल इस मुद्दे पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। सितंबर में होने वाली बीसीसीआई की वार्षिक आम सभा (AGM) में इस पर चर्चा होने की संभावना है। बोर्ड के कुछ पदाधिकारियों का मानना है कि लक्ष्मण का अनुभव और खिलाड़ियों के बीच उनकी स्वीकार्यता टीम प्रबंधन के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। उनका मानना है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ी भी लक्ष्मण की सलाह को अधिक महत्व देंगे।
रोहित शर्मा को लेकर हुआ था विवाद
इंग्लैंड दौरे के दौरान रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर भी काफी विवाद हुआ। दूसरे वनडे से पहले उनके करियर को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं और यह खबर भी सामने आई कि लॉर्ड्स में खेला जाने वाला मुकाबला उनका आखिरी मैच हो सकता है।इसके बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। स्थिति को देखते हुए बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने स्पष्ट किया कि जब तक रोहित टीम की योजनाओं का हिस्सा हैं, तब तक वह भारतीय टीम के नियमित सदस्य बने रहेंगे। इसके दो दिन बाद रोहित ने 138 रन की शानदार पारी खेली, हालांकि भारत वह मुकाबला जीत नहीं सका।
रोहित के भविष्य को लेकर बवाल
जानकारी के अनुसार चयन समिति के भीतर रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर भी अलग-अलग राय है। कुछ चयनकर्ताओं का मानना है कि 2027 वनडे विश्व कप के लिए नई टीम तैयार करने की जरूरत है। जबकि बोर्ड के कुछ अधिकारी सार्वजनिक प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया के माहौल को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहते।वहीं इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे में भारत को 10 में से 8 मैचों में मिली हार की समीक्षा बैठक अब तक नहीं हो सकी है। यह बैठक दौरे के तुरंत बाद होनी थी, लेकिन बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया की तबीयत खराब होने के कारण इसे टाल दिया गया। अब उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यह समीक्षा बैठक होगी, जिसमें मुख्य कोच गौतम गंभीर ऑनलाइन माध्यम से शामिल हो सकते हैं।































