नई दिल्ली/बेंगलुरु: भारत के स्वदेशी हल्के लड़ाकू उन्नत विमान तेजस Mk1A में अब भी कई दिक्कतें रह गई हैं। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के CMD रवि के. ने गुरुवार को कहा कि एयरोस्पेस कंपनी ने एडवांस्ड तेजस Mk1A के 27 एयरफ्रेम (कुल 180 में से) तैयार कर लिए हैं, लेकिन एक-दो ऐसी दिक्कतें हैं जिनकी वजह से भारतीय वायुसेना (IAF) को एडवांस्ड कॉम्बैट एयरक्राफ्ट की लंबे समय से रुकी हुई पहली खेप की डिलीवरी में देरी हो रही है।
तेजस Mk1A की पहली खेप की और टेस्टिंग की जरूरत: HAL CMD
- टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में रवि के ने बताया, ‘हमें जनरल इलेक्ट्रिक (GE) एयरोस्पेस से 10 इंजन मिले हैं। लेकिन तेजस Mk1A की पहली खेप के साथ एक-दो दिक्कतें हैं जिनकी और टेस्टिंग की जरूरत है। जैसे AESA रडार का इंटीग्रेशन। शायद हम 90-95% तक पहुंच गए हैं, लेकिन आखिरी 5% काम अभी बाकी है।’
- रवि के आगे बताया-‘एक और समस्या मिसाइल इंटीग्रेशन की है। कुछ टेस्ट अभी बाकी हैं। हमें मिसाइल के साथ तेजस को उड़ाना होगा (बिना फायर किए) ताकि यह पता चल सके कि स्ट्रक्चर के हिसाब से सब ठीक है या नहीं। मैं कोई पक्की समय-सीमा नहीं बता रहा हूं, लेकिन हमें उम्मीद है कि यह इस साल तक हो जाएगा।’
पहली बार इस्तेमाल हो रहा F414 इंजन
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के CMD रवि के ने तेजस एयरक्राफ्ट के और ज्यादा उन्नत संस्करण के बारे में कहा, ‘तेजस Mk 2, तेजस Mk1A का ही एक वर्शन है। स्ट्रक्चर कपलिंग का काम चल रहा है। हम फरवरी तक ग्राउंड टेस्टिंग करने की योजना बना रहे हैं। F414 इंजन बिल्कुल नया इंजन है। देश पहली बार इसका इस्तेमाल कर रहा है।’
- इस बात से इनकार करते हुए कि HAL किसी सुपर सुखोई प्रोग्राम पर काम कर रहा है, रवि के ने कहा कि HAL ‘Su-30MKI फाइटर जेट के कुछ सिस्टम, जैसे रडार को स्वदेशी बनाने के डिज़ाइन के काम में लगा हुआ है, हालांकि यह प्रोजेक्ट अभी हमें नहीं मिला है।’
- 100 सीटों वाले रूसी SJ-100 रीजनल पैसेंजर जेट के लाइसेंस वाले प्रोडक्शन पर CMD ने कहा, ‘सभी तकनीकी बातचीत चल रही है। हमने इसके लिए कोई समय-सीमा तय नहीं की है।’
- HAL के CMD रवि के ने आगे कहा-HAL सभी डिवीजनों को आधुनिक बनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च कर रहा है और विदेशों में MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) सुविधाएं स्थापित करने की योजना भी बना रहा है। हम ऐसे विदेशी पार्टनर की तलाश कर रहे हैं जो अपने देश में खुद MRO सुविधाएं स्थापित कर सकें। रवि के. ने कहा कि वे कुल 40 LCA Mk1 कॉन्ट्रैक्ट के तहत बचे हुए दो तेजस ट्रेनर एयरक्राफ्ट IAF को सौंपेंगे।
- उन्होंने कहा, ‘हम IAF को HTT-40 ट्रेनर एयरक्राफ्ट भी सौंपने जा रहे हैं। इसके अलावा, हम मुख्य रूप से ऑफशोर सॉर्टीज़ के लिए पवन हंस को एडवांस्ड ध्रुव NG हेलीकॉप्टर सौंपेंगे।’































