आरा: बिहार विधान परिषद के उपचुनाव को लेकर गुरुवार को काउंटिंग हुई। शुरुआत में NDA उम्मीदवार कन्हैया प्रसाद ने बढ़त बनाई। लेकिन अचानक से राजद उम्मीदवार सोनू कुमार राय ने उन्हें पीछे छोड़ते हुए जीत कर दिखाई। इस उपचुनाव की काउंटिंग राजकीय कन्या प्लस टू विद्यालय में की गई। उपचुनाव के लिए 12 मई 2026 को वोटिंग कराई गई थी, जिसमें 97.96 फीसदी वोटिंग हुई थी। मैदान में कुल 6 उम्मीदवार थे।
भोजपुर-बक्सर MLC उपचुनाव रिजल्ट
भोजपुर-बक्सर MLC उपचुनाव में राजद के सोनू राय और जदयू के कन्हैया प्रसाद के बीच पहले कड़ा मुकाबला माना जा रहा था। लेकिन नतीजों के बाद ये साफ हो गया कि सोनू कुमार राय का पलड़ा शुरू से ही भारी था। इसके लिए पहले प्रथम वरीयता के वोटों से ही हार जीत का फैसला हो गया था। हालांकि इस दौरान प्रथम वरीयता में ही सोनू राय 341 वोट से आगे निकल गए। कुल 5,335 वोट वैलिड पाए गए थे। लेकिन वोटों के समीकरण के हिसाब से सोनू राय को कुल 2,668 वोट की जरूरत थी। जो आखिरी गिनती के बाद उन्होंने हासिल कर लिए।
जानिए कितने वोटों से जीते राजद के सोनू राय
पहले राउंड में सोनू कुमार राय ने 2,486 वोट हासिल किए। जबकि NDA उम्मीदवार कन्हैया प्रसाद को 2,146 वोट मिले। लेकिन इसी बीच जदयू के बागी उम्मीदवार मनोज कुमार उपाध्याय ने 636 वोट काट कर NDA की रही-सही उम्मीद भी खत्म कर दी। अगर ये वोट JDU उम्मीदवार कन्हैया प्रसाद के खाते में आते तो तस्वीर दूसरी होगी। खैर, इसके बाद दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती की गई, जिसमें बढ़त बनाते हुए सोनू कुमार राय ने इस सीट पर बड़ी जीत दर्ज कर ली।
काउंटिंग सेंटर पर कड़ी सुरक्षा
इससे पहले बक्सर-भोजपुर MLC उपचुनाव मतगणना को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। पूरे काउंटिंग सेंटर की किलेबंदी कर दी गई थी। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि काउंटिंग के दौरान सुरक्षा के लिए स्कूल के मेन गेट, कैम्पस और काउंटिंग हॉल में कुल 33 मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई थी। जिला निर्वाची पदाधिकारी सह डीएम से इस दौरान डीडीसी गुंजन सिंह कॉर्डिनेशन में थे। वहीं लॉ एंड ऑर्डर की जिम्मेदारी ADM डॉक्टर शशि शेखर के पास थी
NDA के बागी उम्मीदवार ने बिगाड़ा खेल
बिहार विधान परिषद में भोजपुर-बक्सर प्राधिकार सीट पिछले MLC राधाचरण सेठ के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद खाली हुई थी। इसके बाद NDA की तरफ से JDU ने राधाचरण सेठ के बेटे कन्हैया प्रसाद को अपना उम्मीदवार बनाया था। लेकिन इसको लेकर NDA के टिकट पर चुनाव लड़ने की चाहत रखने वाले मनोज कुमार उपाध्याय का पत्ता कट गया। इससे नाराज होकर मनोज कुमार उपाध्याय ने निर्दलीय ताल ठोक दी। उनके काटे वोटों ने कन्हैया प्रसाद की राह मुश्किल कर दी और वो हार गए।
राजद ने कहा- बैलेट आज भी बेस्ट
इस जीत के बाद बिहार राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि ‘जब भी बैलेट से चुनाव होगा लोकतंत्र को मजबूती मिलेगी क्योंकि तंत्र-मंत्र और मशीनरी मैनेजमेंट के सहारे जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करना चाहते हैं, उनको स्पष्ट रूप से यह बात समझ में आ जाना चाहिए कि जिसके साथ जनता होती है जीत उसी की होती है। सभी को पता है कि विधानसभा चुनाव में भी राष्ट्रीय जनता दल को 143 सीटों पर बैलेट पेपर से बढ़त मिली थी और बाद में एनडीए ने मशीनरी और तंत्र-मंत्र के सहारे चुनाव जीता।’

































