संतों और आध्यात्मिक गुरुओं के जीवन पर फिल्में बनाने का चलन एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है. बाबा नीम करोली महाराज के जीवन से प्रेरित फिल्म ‘हनुमान अंश’ को दर्शकों की ओर से मिल रही प्रतिक्रिया के बीच अब संत प्रेमानंद महाराज की जिंदगी भी बड़े पर्दे पर जीवंत करने की तैयारी है. इस फिल्म का नाम ‘राधा अंश’ रखा गया है. नीब करौली बाबा के जीवन चरित्र पर केंद्रित ‘हनुमान अंश’ फिल्म हमारी आस्था, आध्यात्मिक परंपरा और भगवान हनुमान की भक्ति के मार्ग को समझने का एक माध्यम है। भक्ति से समाज सुधार की शक्ति पाने की पटकथा वाली इस फिल्म ने हम सबके आराध्य भगवान हनुमान की आराधना और सेवा की भावना को अत्यंत प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि नीब करौली बाबा के जीवन पर केंद्रित इस फिल्म से हमें एकात्म मानववाद और सर्वहारा वर्ग के कल्याण की प्रेरणा देती है।हमारी संस्कृति और आध्यात्मिक परम्पराओं में संतों का जीवन समाज को सदैव प्रेरणा देता रहा है। ऐसे विषयों पर बनने वाली फिल्में नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कारों और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
हिमांगी सखी ने किया ऐलान
वैष्णव किन्नर अखाड़ा की जगद्गुरु शंकराचार्य हिमांगी सखी ने संत प्रेमानंद महाराज के जीवन पर फिल्म बनाने की इच्छा जताई है. उन्होंने बताया कि फिल्म का नाम ‘राधा अंश’ होगा और इसका उद्देश्य संत प्रेमानंद महाराज के आध्यात्मिक जीवन, उनके विचारों और राधारानी के प्रति उनकी अटूट भक्ति को लोगों तक पहुंचाना है.मीडिया संग बातचीत में हिमांगी सखी ने बताया- फिल्म को लेकर फिल्म मेकर टीम से शुरुआती बातचीत हो चुकी है और टीम ने इस प्रोजेक्ट को लेकर सहमति भी जताई है. अब संत प्रेमानंद महाराज और उनके शिष्यों से आधिकारिक अनुमति लेने के लिए उनसे मुलाकात की जाएगी. फिल्म में कलाकारों का चयन भी उनके शिष्यों की सलाह के आधार पर किए जाने की बात सामने आई है.
‘हनुमान अंश’ से मिला आइडिया
‘राधा अंश’ बनाने का विचार ‘हनुमान अंश’ से प्रभावित होकर आया है. नीम करोली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित इस फिल्म में उनके बचपन से संत बनने तक के सफर को दिखाने की कोशिश की गई है. फिल्म आस्था, सेवा, विनम्रता और मानवता जैसे संदेशों पर केंद्रित है. हिमांगी सखी का मानना है कि जिस तरह ‘हनुमान अंश’ के जरिए दर्शकों को नीम करोली बाबा की शिक्षाओं से जोड़ने का प्रयास हुआ, उसी तरह ‘राधा अंश’ के माध्यम से दुनिया को राधारानी के नाम और संत प्रेमानंद महाराज के संदेशों से जोड़ा जा सकता है. उनका कहना है कि संत प्रेमानंद महाराज को राधारानी का अंश माना जाता है, इसलिए फिल्म का टाइटल भी इसी भाव से प्रेरित है।






























