भोपाल। स्वतंत्रता संग्राम के नायक रहे राजा हिरदेशाह का व्यक्तित्व और कृतित्व पुस्तकों में पढ़ाया जाएग। उनके संघर्ष पर शोध होगा। इसके साथ ही उनके जन्मस्थल हीरापुर (नरसिंहपुर जिला) को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा।
यह घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के जंबूरी मैदान में राजा हिरदेशाह के 168वें बलिदान दिवस पर लोधी समाज द्वारा आयोजित शौर्य यात्रा में कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने क्रांतिकारी को स्मरण नहीं करेंगे तो यह जीवन धिक्कार है।
इतिहास के यह सारे पृष्ठ पुन: सबके सामने आना चाहिए
राजा हिरदेशाह ने बुंदेला-गोंड समाज को एकजुट कर अपनी अलग पहचान बनाई और अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दी। इतिहासकारों को इस विषय पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास के यह सारे पृष्ठ पुन: खुलकर सबके सामने आना चाहिए।




































