नई दिल्ली: भारत के चर्चित पर्यटन स्थलों के साथ अब सरकार की नजर उन ‘अनदेखे’ ठिकानों पर है, जिन्हें लोकप्रियता नहीं मिली, लेकिन जहां इतिहास, संस्कृति, प्रकृति और स्थानीय अनुभव पर्यटकों को आकर्षित कर सकते हैं। विश्व पर्यटन दिवस पर भारत मंडपम में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने नेशनल डिजिटल टूरिज्म स्टैक और नेशनल मिशन फॉर अल्टरनेटिव डेस्टिनेशंस लॉन्च किया। ‘ देखो अपना देश 2.0 ‘ अभियान के जरिए पर्यटन का दबाव चुनिंदा लोकप्रिय स्थलों से हटाकर नए शहरों, गांवों और कम प्रसिद्ध जगहों तक पहुंचाने की तैयारी है। इसके जरिए पर्यटक किसी जगह की ठहरने की सुविधा, ट्रांसपोर्ट बुक कर सकेंगे। भारत मंडपम में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और अन्य।
5 कंपनियों से MoU
पर्यटन मंत्रालय ने Airbnb इंडिया, FlixBus, ग्लास डिजिटल एक्सपीरियंस, आयशर ग्रुप फाउंडेशन और MakeMyTrip के साथ पांच MoU किए हैं। वहीं, Sarvam AI के को-फाउंडर विवेक राघवन ने पर्यटन में AI की भूमिका बताई।
एक ही जगह पर मिलेगी पूरी जानकारी
नेशनल डिजिटल टूरिज्म स्टैक के जरिए पर्यटकों को अलग-अलग सेवाओं और सुविधाओं की जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसका मकसद यात्रा की योजना बनाना आसान करना और नए पर्यटन स्थलों तक पहुंच को बेहतर बनाना है। ठहरने से लेकर आने-जाने की सुविधाओं तक की जानकारी डिजिटल तरीके से मिल सकेगी।
स्थानीय पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
अल्टरनेटिव डेस्टिनेशंस पर फोकस से छोटे शहरों, गांवों और कम चर्चित इलाकों में पर्यटन गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और कारोबार के नए अवसर भी बन सकते हैं। सरकार का जोर ऐसे अनुभवों को बढ़ावा देने पर है, जिनमें स्थानीय संस्कृति, खान-पान, कला और प्राकृतिक विरासत पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकें।































