नई दिल्ली: प्रॉपर्टी बेचने के बाद होने वाले मुनाफे को टैक्स से बचाने के लिए धारा 54EC (Capital Gains Bonds) एक शानदार जरिया है। अगर आपने हाल ही में कोई घर या जमीन बेची है, तो धारा 54EC आपके लाखों रुपये बचा सकती है। दरअसल, जब आप किसी प्रॉपर्टी (घर या जमीन) को 2 साल से अधिक समय तक रखने के बाद बेचते हैं, तो उस पर होने वाली कमाई लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) कहलाती है। इस मुनाफे पर आपको 20% की दर से भारी-भरकम टैक्स देना पड़ता है।
इनकम टैक्स की धारा 54EC के तहत सरकार आपको टैक्स बचाने का विकल्प देती है। हालांकि इसके लिए शर्त है कि आपको अपना मुनाफा कुछ विशेष सरकारी बॉन्ड्स में निवेश करना होगा। इस निवेश पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC), रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन (REC), पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) और नेशनल हाइवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) आदि ऐसी सरकार कंपनियां हैं जो इन बॉन्ड्स को जारी करती हैं। सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों के बॉन्ड होने के कारण यह निवेश पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है।
निवेश की शर्तें और समय सीमा
धारा 54EC के तहत कैपिटल गेन्स पर टैक्स छूट का लाभ उठाने के लिए आपको इन 3 प्रमुख नियमों का पालन करना होगा:
- समय सीमा: प्रॉपर्टी बेचने की तारीख से 6 महीने के भीतर निवेश करना अनिवार्य है।
- अधिकतम निवेश: एक वित्तीय वर्ष में आप अधिकतम 50 लाख रुपये तक ही निवेश कर सकते हैं।
- लॉक-इन पीरियड: आपका पैसा 5 साल के लिए जमा रहेगा। इसे बीच में नहीं निकाला जा सकता।
ब्याज और टैक्स की गणना
इन बॉन्ड्स पर फिलहाल करीब 5.25% का सालाना ब्याज मिलता है। ध्यान रहे कि बॉन्ड्स में निवेश करने से कैपिटल गेन टैक्स तो बच जाता है, लेकिन जो सालाना ब्याज आपको मिलेगा, वह आपकी इनकम में जुड़ेगा। ऐसे में टैक्स स्लैब के अनुसार उस पर टैक्स लगेगा। यह कैपिटल गेन टैक्स के मुकाबले बेहद कम यहां तक की शून्य भी हो सकता है।
इसे उदाहरण से समझें
मान लीजिए आपने एक जमीन बेची जिससे आपको 40 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ। अगर आपने बॉन्ड में निवेश नहीं किया तो आपको 40 लाख रुपये पर 20% यानी करीब 8 लाख रुपये टैक्स देना होगा। वहीं अगर आप धारा 54EC के तहत सरकारी बॉन्ड में निवेश करते हैं तो आपका 8 लाख का टैक्स शून्य हो जाएगा।

































