मनु पब्बी, नई दिल्ली: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटों से करीबी संबंध रखने वाली एक अमेरिकी ऑटोनॉमस सिस्टम कंपनी ने भारतीय कंपनी के साथ एंटी-ड्रोन सिस्टम बनाने और बेचने का समझौता किया है। ये डील पाकिस्तान को हथियारबंद ड्रोन बेचने के समझौते से कुछ महीने पहले हुई है। हाल ही में बनी अमेरिकी ड्रोन कंपनी ‘पावरस’ ने भारत में अपने ‘गार्जियन’ इंटरसेप्टर प्रोडक्ट बनाने के लिए एक लाइसेंसिंग समझौता किया है।
Powerus ने पिछले हफ्ते पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात के बाद पाकिस्तानी सेना के साथ कॉन्ट्रैक्ट की घोषणा की थी। मध्य पूर्व में तेल और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को सुरक्षा सिस्टम बेचे थे, जो ईरान के साथ युद्ध से प्रभावित थीं।
पारस डिफेंस के साथ लाइसेंसिंग डील
मार्केट में दी गई जानकारी के अनुसार, पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज ने जून में पावरस डिफेंस के साथ एक समझौता किया। इसके तहत, पारस डिफेंस को भारत में पावरस के एंटी-ड्रोन सिस्टम बनाने और बेचने का एक्सक्लूसिव लाइसेंस मिला है। इसके बदले में पारस डिफेंस लाइसेंस फीस और भारत में बिक्री से होने वाले नेट प्रॉफिट का हिस्सा देगी। इस समझौते के जरिए, पावरस भारत में प्रोडक्ट बनाने और बेचने के मकसद से लाइसेंस प्राप्त IP (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी) का इस्तेमाल करने का एक्सक्लूसिव लाइसेंस पारस को देती है।
गार्जियन 1 इंटरसेप्टर बनाने और बेचने का समझौता
इस प्रोडक्ट की पहचान ‘गार्जियन 1 इंटरसेप्टर’ के तौर पर की गई है। संपर्क करने पर पारस डिफेंस ने कहा कि उनके प्रतिनिधि कमेंट के लिए उपलब्ध नहीं हैं। ‘गार्जियन 1’ को पावरस की ओर से विकसित एक तेज गति वाले, बैटरी से चलने वाले काउंटर-ड्रोन सिस्टम के तौर पर बताया गया है, जिसे कम लागत वाले हवाई खतरों से निपटने के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी के अनुसार, इस काउंटर-ड्रोन इंटरसेप्टर को ‘शहेद 136’ (Shahed 136) और ‘गेरान 2’ (Geran 2) जैसे वन-वे अटैक ड्रोन को गिराने के लिए डिजाइन किया गया है।
भारत में एंटी-ड्रोन सिस्टम की काफी मांग
हालांकि, लाइसेंसिंग डील पर साइन हो चुके हैं, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अमेरिकी मूल के इस इक्विपमेंट के लिए अभी तक भारतीय सशस्त्र बलों से कोई ऑर्डर नहीं मिला है। भारत में एंटी-ड्रोन सिस्टम की काफी मांगहै और कई कंपनियां अकेले या विदेशी टेक्नोलॉजी सप्लायर्स के साथ मिलकर इसके समाधान पेश कर रही हैं। वहीं, पाकिस्तान में पावरस को एक पक्का ऑर्डर मिला है। अमेरिकी कंपनी ने गुरुवार को घोषणा की कि उसके प्रतिनिधियों ने मुनीर से मुलाकात की थी।
पाकिस्तान से डील के पहले भारत से करार
कंपनी ने कहा कि उसे पाकिस्तानी रक्षा मंत्रालय से अनमैन्ड एरियल सिस्टम (बिना पायलट वाले हवाई सिस्टम) के लिए सीमित खरीद का ऑर्डरमिला है। बुधवार को रावलपिंडी में मुनीर के साथ बैठक के बाद, ‘पावरस’ (Powerus) के को-फाउंडर ब्रेट वेलिकोविच ने कहा कि हमें पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय का समर्थन करने पर गर्व है, और यह समझौता ज्ञापन दोनों पक्षों को आगे बढ़ने के लिए एक रणनीतिक ढांचा देता है। हालांकि बेचे जा रहे खास सिस्टम का नाम नहीं बताया गया, लेकिन एक रिलीज में ‘गार्जियन 2’ की तस्वीर दिखाई गई, जो उनके ड्रोन इंटरसेप्टर की ‘गार्जियन’ सीरीज का ज्यादा एडवांस्ड वर्शन है।
ट्रंप परिवार से है कंपनी का कनेक्शन
अमेरिकी कंपनी ने यह भी कहा कि यह ऑर्डर उसके विदेशी कारोबार के विस्तार को दिखाता है। पाकिस्तान के साथ बिना पायलट वाले और ऑटोनॉमस सिस्टम में सहयोग के लिए एक अलग MoU पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं। ‘पावरस’, जो ड्रोन के क्षेत्र में एक कम जानी-मानी कंपनी है, नई टेक्नोलॉजी की लहर का फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। इसने पिछले कुछ महीनों में अमेरिकी वायु सेना और रक्षा विभाग के साथ छोटे कॉन्ट्रैक्ट करके इस क्षेत्र में कदम रखा है।































