बिलासपुर, बिलासपुर जिला पंचायत की विशेष सामान्य सभा में महिला आरक्षण बिल के विरोध को लेकर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। इस दौरान कांग्रेस समर्थित सदस्यों के बैठक का बहिष्कार किया। इस बीच भाजपा ने बहुमत के आधार पर प्रस्ताव पास कराया।
जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी ने निंदा प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसे भाजपा सदस्यों का समर्थन मिला। बैठक में कांग्रेस सदस्य शामिल नहीं हुए और उन्होंने सामान्य सभा का बहिष्कार किया। इस पर भाजपा सदस्यों ने विरोध दर्ज कराने के बजाय अनुपस्थित रहने पर सवाल उठाए।
सदस्यों ने कहा कि महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर राजनीति करना उचित नहीं है। कांग्रेस की गैरमौजूदगी के कारण प्रस्ताव बिना किसी विरोध के पारित हो गया। बैठक में विकास और प्रशासनिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने ‘ज्ञान भारतम’ पांडुलिपि संरक्षण योजना का उल्लेख करते हुए इसे सांस्कृतिक धरोहर बचाने के लिए जरूरी बताया।
भाजपा समर्थित सदस्यों ने कांग्रेस पर किया हमला
बैठक के बाद भाजपा सदस्यों ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि महिला आरक्षण के मार्ग में बाधा डालकर विपक्ष ने महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों का विरोध किया है।
उन्होंने साफ कहा कि यह अधिनियम देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों को राजनीति में मजबूत भागीदारी देने का बड़ा कदम है। लेकिन राजनीतिक स्वार्थ के चलते कांग्रेस इसका विरोध कर रही है।
सुशासन तिहार: बिल्हा, मस्तूरी व तखतपुर में 8 शिविर लगेंगे
बैठक में ‘सुशासन तिहार 2026’ के आयोजन पर भी निर्णय लिया गया। 1 मई से 10 जून के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में जनसमस्या निवारण शिविर लगाए जाएंगे। ये शिविर 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह स्तर पर होंगे, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहकर मौके पर समस्याओं का समाधान करेंगे।
कार्यक्रम के तहत बिल्हा, मस्तूरी और तखतपुर में 8-8 तथा कोटा में 7 शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को त्वरित राहत देने का लक्ष्य रखा गया है।

































