काठमांडू: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह एक बार फिर अपने अलग अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। रैपर से प्रधानमंत्री बने बालेन शाह के लुक की नेपाल से लेकर भारत तक चर्चा होती रही है। लेकिन काठमांडू के मेयर चुनाव से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक उन्होंने अपनी पहचान ब्लैक टी-शर्ट, ब्लैक कोट और काले चश्मे से बना रखी लेकिन इस बार वो अचानक पूरी तरह से सफेद लुक में नजर आए हैं जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके नये लुक को लेकर काफी चर्चा की जा रही है।
10 मई को शाह ने फेसबुक और टिकटॉक पर अपनी एक फोटो और वीडियो पोस्ट किया। इसमें वह सफेद शर्ट, धारीदार ट्राउजर और सफेद स्नीकर्स पहने नजर आए। हालांकि उनके ट्रेडमार्क सनग्लासेस इस लुक में भी मौजूद थे। लेकिन खास बात यह रही कि उन्होंने इस पोस्ट के साथ कोई कैप्शन नहीं लिखा पर कुछ ही मिनटों में तस्वीर वायरल हो गई। बालेन शाह अब नेपाल के प्रधानमंत्री हैं और युवाओं के आयकन हैं तो उनके फैशन ट्रेंड युवाओं के फैशन ट्रेंड बन जाते हैं।
सोशल मीडिया पर बालेन के नये लुक की चर्चा
नेपाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स फेसबुक, इंस्टाग्राम और टिकटॉक पर लोगों ने बालेन्द्र शाह के नए स्टाइल की जमकर चर्चा शुरू कर दी। कई यूजर्स ने AI की मदद से खुद की तस्वीरें बालेन स्टाइल में बनाकर शेयर करनी शुरू कर दीं। खास तौर पर उनके सफेद जूतों ने इंटरनेट यूजर्स का ध्यान खींचा। बालेन शाह प्रधानमंत्री बनने के बाद कई दिनों तक सार्वजनिक मंचों पर नजर नहीं आए। उन्होंने ना ही देश को संबोधित किया है ना मीडिया को इंटरव्यू दिया है और ना ही उन्होंने कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। लेकिन फिर भी उन्होंने अपने राजनीतिक कदमों से मीडिया में सुर्खियां बटोर रखी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक बालेन शाह खामोश रहकर काम करना चाहते हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिकटॉक पर उनकी जूतों की कीमत की चर्चा होने लगी। सस्ते जूते मगर महंगे वाइब्स जैसे वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। कुछ लोगों ने दावा किया कि प्रधानमंत्री के स्नीकर्स की कीमत सिर्फ 1200 नेपाली रुपये है। टिकटॉक यूजर लीला ने वीडियो में वही ब्रांड दिखाते हुए कहा कि "ये जूते सिर्फ इसलिए वायरल हो रहे हैं क्योंकि बालेन ने इन्हें पहना है। वह बहुत साधारण इंसान हैं। प्रधानमंत्री बनने के लिए महंगे जूते जरूरी नहीं।" बालेन्द्र शाह की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बिना किसी बयान या कैप्शन के उनकी पोस्ट देशभर में चर्चा का विषय बन गई। हालांकि कई यूजर्स ने यह भी लिखा कि अगर बोलते नहीं हैं तो कम से कम कुछ लिख ही दिया करें।
बुलडोजर विवाद के क्या संदेश दे रहे बालेन शाह?
आपको बता दें कि राजनीति में कपड़ों और छवि का हमेशा महत्व रहा है। बालेन्द्र शाह पहले एक रैपर और परफॉर्मर रह चुके हैं इसलिए फैशन और विजुअल पहचान की समझ उनके व्यक्तित्व का हिस्सा मानी जाती है। काठमांडू के मेयर रहते हुए भी उन्होंने पारंपरिक राजनीतिक ड्रेस कोड से दूरी बनाए रखी थी। औपचारिक कार्यक्रमों में भी वह अक्सर ब्लैक आउटफिट और सनग्लासेस में नजर आते थे। प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते समय उन्होंने पारंपरिक नेपाली पोशाक ‘दौरा-सुरुवाल’ जरूर पहनी थी लेकिन उसका रंग भी काला ही था। इसलिए उनका अचानक सफेद कपड़ों में नजर आना कई तरह की राजनीतिक अटकलों को जन्म दे रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि शाह का यह बदलाव महज फैशन नहीं बल्कि एक संकेत भी हो सकता है। हाल के दिनों में उनकी सरकार पर कई विवादों को लेकर सवाल उठे हैं। काठमांडू में अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई, नदी किनारे बसे भूमिहीन लोगों को हटाने और चीफ जस्टिस की नियुक्ति को लेकर उनकी आलोचना हुई है। ऐसे में कुछ लोग उनके सफेद कपड़ों को ‘सॉफ्ट इमेज’ बनाने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। हालांकि शाह ने खुद इस बदलाव पर कोई टिप्पणी नहीं की है। यही वजह है कि उनके नए लुक को लेकर अलग-अलग तरह की व्याख्याएं सामने आ रही हैं। हालांकि नेपाल में कई दुकानदारों ने बालेन शाह के स्टाइल वाले चश्मों और जूते बेचने शुरू कर दिए हैं। नेपाल में फैशन और राजनीति का यह अनोखा मेल फिलहाल सोशल मीडिया से लेकर बाजार तक चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है। जनता जिस नेता को पसंद करती है उसे सिर पर बिठाकर रखती है और बालेन शाह का अभी वही दौर चल रहा है।




































