भोपाल। प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र के लिए कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसी बीच प्रवेश एवं फीस विनियामक समिति (एएफआरसी) ने निजी कॉलेजों में संचालित बीएड, एमएड, एलएलबी और एलएलएम पाठ्यक्रमों की फीस निर्धारित कर दी है।
समिति ने विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम फीस तय की है। इसके अनुसार बीएड पाठ्यक्रम की न्यूनतम फीस 32 हजार रुपये और एलएलबी की फीस 25 हजार रुपये निर्धारित की गई है। अन्य पाठ्यक्रमों की फीस भी सशर्त तय की गई है।
एक सत्र के लिए तय होगी फीस
इस बार एएफआरसी ने फीस निर्धारण में नई व्यवस्था लागू की है। अब कॉलेजों की फीस तीन सत्रों के बजाय केवल एक शैक्षणिक सत्र के लिए ही निर्धारित की जाएगी। समिति का कहना है कि इससे फीस प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और कॉलेजों के वास्तविक खर्चों के आधार पर निर्णय लिया जा सकेगा।
फीस बढ़ाने के लिए देना होगा पूरा खर्च विवरण
- कई निजी कॉलेजों ने फीस बढ़ाने के लिए आवेदन किया है, लेकिन उन्होंने अपने खर्चों का पूरा ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया। समिति ने ऐसे कॉलेजों को आवश्यक दस्तावेज और वित्तीय जानकारी जमा करने के लिए तीन माह का समय दिया है। कॉलेजों को पैन कार्ड, बैंक खाता नंबर, पिछले तीन वर्षों की बैलेंस शीट, स्टाफ वेतन और अन्य खर्चों का विस्तृत विवरण देना होगा।
782 निजी कॉलेजों ने किया आवेदन
- समिति के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी प्रो. अनिल शिवानी ने बताया कि प्रदेशभर के 782 निजी कॉलेजों ने फीस निर्धारण के लिए आवेदन किया है। इनमें भोपाल जिले के 100 से अधिक कॉलेज शामिल हैं। समिति प्रस्तावों की जांच के साथ कॉलेजों का निरीक्षण भी करेगी।
- उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के तहत सभी संस्थानों को पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विस्तृत वित्तीय जानकारी देना अनिवार्य किया गया है। फिलहाल एक सत्र के लिए सशर्त फीस तय की गई है।




































