नई दिल्ली: इंटरनेट कंपनी गूगल ( Google ) भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर, सर्वर और ड्रोन निर्माण के क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं तलाश रही है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गूगल के अधिकारियों के साथ बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए वैष्णव ने लिखा कि गूगल भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्वर व ड्रोन के निर्माण में निवेश के अवसरों पर विचार कर रहा है।
गूगल की भारत के लिए महा-योजना
- गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने हाल ही में इस वर्ष के कुल पूंजीगत व्यय (Capex) में 185 अरब डॉलर की वृद्धि की घोषणा की है, जिसका एक बड़ा हिस्सा AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित होगा।
- गूगल ने हाल ही में विशाखापत्तनम में 15 अरब डॉलर (करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये) के निवेश की योजना की घोषणा की थी। इस परियोजना के तहत गिगावाट-स्केल AI इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा।
- इस प्रोजेक्ट के तहत तीन डेटा सेंटर कैंपस वाला भारत का पहला गीगावाट-स्केल AI हब बनाया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने लगभग 600 एकड़ जमीन आवंटित की है।
अडानी और एयरटेल के साथ प्रोजेक्ट
गूगल का यह प्रोजेक्ट AdaniConneX और Nxtra by Airtel के साथ साझेदारी में विकसित किया जा रहा है। अप्रैल 2026 में हुए ‘गूगल क्लाउड नेक्स्ट’ समिट में सुंदर पिचाई ने स्पष्ट किया था कि कंपनी के मशीन लर्निंग संसाधनों का 50% से अधिक हिस्सा विशेष रूप से क्लाउड बिजनेस के लिए समर्पित होगा।
भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण में दुनिया का भरोसेमंद सप्लाई चेन पार्टनर बनकर उभर रहा है। उन्होंने वैश्विक टेक कंपनियों से अपील की है कि वे अपने सर्वर, GPU और चिप्स का निर्माण भारत में ही करें।
गूगल क्लाउड के सीईओ थॉमस कुरियन ने इस प्रोजेक्ट को भारत के AI-आधारित भविष्य के लिए टर्निंग पॉइंट बताया। वहीं गूगल क्लाउड ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर के उपाध्यक्ष बिकाश कोली ने कहा कि यह AI हब भारत के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और वैश्विक AI अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



































