भोपाल। जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 में 740 स्थानों पर प्रॉपर्टी की दरों में वृद्धि होना लगभग तय है। इसका प्रस्ताव जिला मूल्यांकन समिति ने केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेज दिया है, जिस पर गुरुवार को बैठक भी आयोजित की गई है। ऐसे में प्रॉपर्टी की दरों में वृद्धि का असर प्रॉपर्टी के कारोबार में दिखाई देने लगा है। नवरात्र के शुभ मुहूर्त और वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिनों में पंजीयन कार्यालयों में जमकर लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
जानकारी के अनुसार आईएसबीटी, परी बाजार और बैरसिया में स्थित पंजीयन कार्यालयों में सुबह 10 से देर रात तक दस्तावेज रजिस्टर्ड करने का काम तेजी से किया जा रहा है। 19 मार्च से शुरू हुए नवरात्र के साथ अब तक सात दिन में करीब चार हजार 399 रिकॉर्ड रजिस्ट्रियां हुई हैं, जिनसे लगभग 96.61 करोड़ रुपये का राजस्व विभाग को प्राप्त हुआ है। कार्यालयों में बुधवार को भी बड़ी संख्या में लोग जमीन, मकान, प्लॉट और रीसेल प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करवाने पहुंचे।सुबह से शुरू हुआ काम रात करीब आठ बजे तक चलता रहा, इस दौरान एक दिन में रिकॉर्ड 820 रजिस्ट्रियों के साथ 19.23 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। प्रॉपर्टी के खरीदारों की संख्या बढ़ते देख विभाग ने कार्यालय का समय बढ़ाते हुए सात बजे कर दिया है और प्रति सब रजिस्ट्रार को 65 स्लॉट कर दिए हैं। ऐसे में अब एक दिन में 13 सब रजिस्ट्रार 800 रजिस्ट्रियां कर सकेंगे।
31 मार्च तक जारी रहेगा रजिस्ट्रियों का सिलसिला
वित्तीय वर्ष 2026-27 की कलेक्टर गाइडलाइन का प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के पास पहुंच चुका है। बोर्ड प्रस्ताव को पास कर देता है तो जिले के 740 स्थानों पर औसत 12 प्रतिशत वृद्धि होगी। वहीं अनेक स्थान ऐसे हैं जहां पर 30 प्रतिशत से लेकर 150 प्रतिशत तक प्रापर्टी की दरें बढ़ जाएंगी। ऐसे में वर्तमान दरों पर रजिस्ट्री करवाने के लिए 31 मार्च तक रजिस्ट्रियों का सिलसिला जारी रहेगा।
































