भोपाल। राजधानी के भोपाल रेलवे स्टेशन पर मंगलवार रात ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में एक युवक की जान चली गई। युवक प्लेटफॉर्म नंबर छह पर भोपाल-इंदौर एक्सप्रेस पकड़ने की कोशिश कर रहा, जहां वह अनियंत्रित होकर ट्रैक और प्लेटफॉर्म के बीच के संकरे गैप में गिर गया। गंभीर रूप से घायल युवक ने इलाज के दौरान हमीदिया अस्पताल में दम तोड़ दिया। यह पूरी घटना स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।
14 सेकंड के इस विचलित करने वाले फुटेज में स्पष्ट दिख रहा है कि मृतक, जिसकी पहचान बिहार निवासी सिकंदर के रूप में हुई है, वह प्लेटफॉर्म पर रफ्तार पकड़ चुकी ट्रेन को पकड़ने के लिए दौड़ रहा था। इसी दौरान वह कोच के गेट से टकराया और संतुलन खो बैठा। कुछ ही क्षणों में वह प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच खिंचता चला गया और पहियों की चपेट में आ गया।
रफ्तार ने ली जान
जीआरपी के अनुसार, घटना 31 मार्च को रात लगभग 11:31 बजे की है। गाड़ी संख्या 19304 भोपाल-इंदौर एक्सप्रेस स्टेशन से रवाना हो रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक, उस समय ट्रेन की गति लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच चुकी थी। जैसे ही सिकंदर नाम के युवक ने कोच का हैंडल पकड़ने का प्रयास किया, वह तेज झटके के साथ नीचे गिर गया। हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद यात्रियों और रेलवे स्टाफ ने शोर मचाया, जिसके बाद उसे एंबुलेंस के जरिए हमीदिया अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद डॉक्टरों ने युवक को बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के कारण उसकी स्थिति बिगड़ती गई और अंततः इलाज के दौरान उसकी चार दिन बाद मृत्यु हो गई।
भोपाल रेलवे स्टेशन के आरपीएफ टीआई मनीष कुमार ने बताया यह मामला पूरी तरह से लापरवाही और जल्दबाजी का है। चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास करना जानलेवा साबित हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और स्वजनों को सूचित किया जा रहा है।
रेलवे ने की अपील
रेलवे प्रशासन ने एक बार फिर यात्रियों से अपील की है कि वह अपनी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ न करें। चलती ट्रेन में चढ़ना या उतरना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह जीवन के लिए भी अत्यंत जोखिम भरा है। अक्सर कुछ सेकंड बचाने की कोशिश जीवनभर का दर्द दे जाती है।






































