श्रीनगर: कश्मीर की तीन यूनिवर्सिटी ने अमेरिका स्थित एनजीओ ‘कश्मीर केयर फाउंडेशन’ (केसीएफ) के साथ अपने एकेडमिक समझौते खत्म कर दिए हैं। यह कदम आंतरिक समीक्षा के बाद उठाया गया है। ऐसी चर्चा है कि खुफिया एजेंसियों ने इस एनजीओ की गतिविधियों को लेकर चिंता जताई थी।
तीनों यूनिवर्सिटी ने रद्द किया MoU
कश्मीर यूनिवर्सिटी, इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (IUST) और शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी ऑफ कश्मीर (SKUAST-K) ने अटलांटा स्थित केसीएफ के साथ हुए MOUs को रद्द करने के आदेश जारी किए हैं। कश्मीर यूनिवर्सिटी और SKUAST-K ने 25 मार्च को यह समझौता रद्द किया। वहीं IUST ने उसके अगले दिन अपने एमओयू को रद्द किया।
15 दिसंबर 2025 को हुआ था समझौता
कश्मीर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार नसीर इकबाल ने केसीएफ के प्रेसिडेंट अल्ताफ के लाल को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने बताया कि यह MoU 15 दिसंबर 2025 को STEM (विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग, गणित), मानविकी और संबंधित क्षेत्रों में वर्कशॉप, सेमिनार और अन्य अकादमिक गतिविधियों के जरिए शैक्षिक पहलों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया था।
‘MoU जारी रखना यूनिवर्सिटी के हित में नहीं’
अधिकारियों ने बताया कि ये समझौते ‘प्रतिकूल रिपोर्टों’ के बाद रद्द किए गए हैं, जो विदेशी संस्थानों के साथ कोलेब्रेशन को लेकर बढ़ती सतर्कता को दिखाते हैं। ये कोलेब्रेशन विशेष रूप से प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और डेटा साझाकरण जैसे क्षेत्रों में किए गए थे। रजिस्ट्रार के पत्र में कहा गया है कि इस MoU की समीक्षा सक्षम अधिकारियों द्वारा की गई है और यह निर्णय लिया गया है कि इसे जारी रखना यूनिवर्सिटी के व्यापक संस्थागत हित में नहीं है।
एमओयू की अवधि के दौरान कोई लेने-देन नहीं हुआ
रजिस्ट्रार नसीर इकबाल ने बताया कि केसीएफ का संचालन अमेरिका में रहने वाले कश्मीरी अल्ताफ द्वारा किया जाता था। उन्होंने यह भी जोड़ा कि एमओयू में इसे समाप्त करने का एक प्रावधान (क्लॉज) मौजूद था। तीनों विश्वविद्यालयों ने यह स्पष्ट कर दिया कि एमओयू की अवधि के दौरान न तो किसी प्रकार के धन का आदान-प्रदान हुआ और न ही कोई वित्तीय दायित्व उत्पन्न हुआ।

































