रियाद/तेहरान: ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध में मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। लेबनान ने आज जानकारी देते हुए 1000 लोगों की मौत का आंकड़ा दिया है। वहीं सीएनएन ने अलग अलग अधिकारियों के हवाले से बताया है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष में अभी तक 2200 से ज्यादा लोगों की जानें गई हैं। हालांकि फिलहाल इन आंकड़ों की सौ फीसदी पुष्टि नहीं की जा सकती है।
लेबनान- लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री ने गुरुवार को बताया कि मरने वालों की संख्या एक हजार से ज्यादा हो गई है। 2 मार्च से शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक देश में 1,001 लोगों की जान जा चुकी है। लेबनान की तरफ से हिज्बुल्लाह ने पहले इजरायल पर हमला किया था और उसके बाद इजरायल लगातार लेबनान में हमले कर रहा है।
ईरान- ईरानी अधिकारियों ने पिछले एक हफ्ते से मारे गये लोगों के बारे में कोई नई जानकारी नहीं दी है। ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत अमीर सईद इरावानी ने 10 मार्च को 1,300 लोगों के मारे जाने की जानकारी दी थी। ईरान के विदेश मंत्री ने सोमवार को कहा कि संघर्ष शुरू होने के बाद से सैकड़ों ईरानी नाकरिकों के मारे जाने की बात कही है। उन्होंने 200 से ज्यादा बच्चों के मारे जाने की बात कही है। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) ने कल बताया था कि कम से कम 207 बच्चों सहित 1,369 नागरिक और 1,138 सैन्यकर्मी मारे गए हैं। HRANA ने यह भी बताया कि 627 अन्य लोगों की भी मौत हुई है लेकिन अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि वे नागरिक थे या सैन्यकर्मी। इराक- दो सुरक्षा सूत्रों ने सोमवार को CNN को बताया कि संघर्ष शुरू होने के बाद से इराक में कम से कम 47 लोग मारे गए हैं। इनमें से ज़्यादातर लोग पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फोर्स (PMF) के सैनिक थे। गुरुवार को इराकी कुर्दिस्तान में एक सैन्य अड्डे पर हुए हमले में एक फ्रांसीसी सैनिक भी मारा गया।
इजराइल- संघर्ष शुरू होने के बाद से कम से कम 15 इजरायली मारे गए हैं। इनमें वे नौ लोग शामिल हैं जो बेत शेमेश शहर में एक रिहायशी इमारत पर सीधे मिसाइल हमले में मारे गए थे और दो इजरायली सैनिक 8 मार्च को दक्षिणी लेबनान में मारे गए हैं।
अमेरिका- संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। जिनमें से छह सैनिक गुरुवार को इराक में उनके रीफ्यूलिंग विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से मारे गए। इसके अलावा 1 मार्च को कुवैत में एक अस्थायी ऑपरेशन सेंटर पर हुए ईरानी हमले में छह और अमेरिकी सैनिक मारे गए थे।
UAE- संघर्ष शुरू होने के बाद से UAE में कम से कम आठ लोग मारे गए हैं, जिनमें एक पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल है जो संयुक्त अरब अमीरात के शहर अबू धाबी में एक इंटरसेप्टेड बैलिस्टिक मिसाइल के मलबे की चपेट में आने से मारा गया। शहर के मीडिया कार्यालय ने आज यह जानकारी दी थी। कुवैत- 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से कुवैत में कम से कम छह लोगों की मौत हुई है। इनमें एक 11 वर्षीय लड़की भी शामिल है जिसकी मौत 4 मार्च को एक रिहायशी इलाके में मिसाइल के टुकड़े (श्रापनेल) गिरने से लगी चोटों के कारण हुई।
ओमान- ओमान न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक ओमान के तट से 52 नॉटिकल मील दूर जिस तेल टैंकर पर एक भारतीय नागरिक काम कर रहा था उस पर एक मानवरहित नाव से हमला किया गया। जिसके बाद उस भारतीय नागरिक की मौत हो गई। इसके अलावा देश के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि ओमान के सोहर जिले में एक ड्रोन हादसे में दो विदेशी नागरिक मारे गए।
सऊदी अरब- सऊदी सिविल डिफेंस ने बताया कि 8 मार्च को अल-खर्ज शहर में एक रिहायशी इमारत पर सैन्य मिसाइल गिरने से दो लोगों की मौत हो गई।
बहरीन- बहरीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक बहरीन के सलमान इंडस्ट्रियल सिटी में एक इंटरसेप्टेड मिसाइल के मलबे से एक "विदेशी जहाज" में आग लग गई जिसके कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके अलावा बहरीन के गृह मंत्रालय के मुताबिक राजधानी मनामा पर हुए एक ईरानी हमले के बाद 29 वर्षीय एक बहरीनी महिला की मौत हो गई।
वहीं सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद ने कहा है कि ‘ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।’ उनका ये बयान उस वक्त आया है जब ईरान ने हमलों की रफ्तार और तेज कर दी है। सीएनएन से बात करते हुए सऊदी के विदेश मंत्री ने कहा है कि सऊदी नेतृत्व ईरान पर ‘अगर जरूरी समझा गया’ तो जवाबी हमला करेगा। उन्होंने कहा कि ‘हम अपने देश और अपने आर्थिक संसाधनों की रक्षा करने से पीछे नहीं हटेंगे।’ जिसके बाद आशंका जताई जा रही है कि ये युद्ध और खतरनाक और विध्वंसक हो सकता है।