नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की ऐतिहासिक जीत के बीच, पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी एक बार फिर अपने पुराने और बेतुके बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। अफरीदी ने साल 2011 के वनडे वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भारत के हाथों मिली हार को लेकर जो दावा किया है, वह न केवल हास्यास्पद है, बल्कि पूरी तरह से तथ्यों के खिलाफ है। क्रिकेट के आंकड़ों ने अफरीदी के इस झूठ को बेनकाब कर दिया है।
अफरीदी के दावे सब के सब झूठ
शाहिद अफरीदी ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान दावा किया कि मोहाली में खेले गए उस हाई-वोल्टेज मैच में पाकिस्तान की शुरुआत बहुत अच्छी रही थी और 90 रनों तक उनका कोई विकेट नहीं गिरा था। लेकिन अगर हम इतिहास के पन्ने पलटें, तो हकीकत कुछ और ही बयां करती है।
क्या है सच?
261 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम की शुरुआत अफरीदी के दावों जैसी कतई नहीं थी। पाकिस्तान का पहला विकेट (कामरान अकमल) 44 रन पर ही गिर गया था। इसके बाद दूसरा विकेट 70 रन पर गिरा। यानी जिस 90 रन के स्कोर पर अफरीदी शून्य विकेट का दावा कर रहे हैं, असल में तब तक पाकिस्तान के 2 मुख्य बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे।
उमर अकमल की पारी पर भी बोला सफेद झूठ
अफरीदी ने अपने बयान में यह भी कहा कि उमर अकमल उस मैच में सबसे अच्छा खेल रहे थे और उनकी बल्लेबाजी ने भारत को डरा दिया था। लेकिन स्कोरकार्ड कुछ और ही कहानी कहता है। उमर अकमल, जिनसे अफरीदी को बड़ी उम्मीदें थीं, उस मैच में केवल 29 रन बनाकर हरभजन सिंह की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए थे। अफरीदी ने पहली बार कोई ऐसा झूठ नहीं बोला है। इससे पहले भी वह कई बार झूठे दावे करते रहे हैं।
शोर का बहाना और हार की झुंझलाहट
इससे पहले भी अफरीदी यह कह चुके हैं कि भारतीय फैंस के शोर के कारण उनके खिलाड़ी मैदान पर एक-दूसरे की आवाज नहीं सुन पा रहे थे, जिसके कारण वे मैच हार गए। क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि अफरीदी का यह नया बयान सिर्फ अपनी टीम की नाकामी को छिपाने की एक कोशिश है। 15 साल बाद भी अफरीदी उस हार को पचा नहीं पा रहे हैं और अब गलत आंकड़े पेश करके फैंस को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

































