गाजियाबाद: नगर निगम गाजियाबाद शहर के बीचोबीच 37 एकड़ के विजयनगर मिलिट्री ग्राउंड में विशाल वनक्षेत्र विकसित करने जा रहा है। इस परियोजना के तहत करीब 5.5 लाख पौधे लगाए जाएंगे और पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 9.45 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह पहला मौका होगा जब नगर निगम किसी एक जगह पर इतने बड़े स्तर पर पौधरोपण कर रहा है।
परियोजना का उद्देश्य और महत्व
गाजियाबाद नगर निगम की इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर में हरियाली बढ़ाना और प्रदूषण को कम करना है। गाजियाबाद देश के प्रदूषित शहरों में शामिल है और जनवरी से अप्रैल 2026 तक यहां एक्यूआई लगातार 300 के पार रहा। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की रिपोर्ट के अनुसार नवंबर 2025 से फरवरी 2026 तक गाजियाबाद में पीएम 2.5 का औसत स्तर 184 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा।विशेषज्ञों के अनुसार, यह हरित क्षेत्र शहर के लिए ग्रीन लंग्स का काम करेगा। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा बल्कि तापमान नियंत्रित रहेगा और नागरिकों को स्वच्छ वातावरण मिलेगा।
मियावाकी पद्धति से तेजी से हरियाली
नगर निगम इस परियोजना में मियावाकी तकनीक का उपयोग करेगा। इस पद्धति में पौधों को घनत्व के साथ लगाया जाता है, जिससे पारंपरिक वनों की तुलना में 10 गुना तेजी से घना जंगल तैयार हो जाता है।इसमें नीम, पीपल, बरगद, अर्जुन, कदंब, अमलतास, जामुन, शीशम और गुलमोहर जैसी स्थानीय प्रजातियों के पेड़ लगाए जाएंगे। साथ ही झाड़ियां और घास की प्रजातियां भी रोपी जाएंगी, जिससे पूरे क्षेत्र की जैव विविधता बढ़े और प्राकृतिक संतुलन सुनिश्चित हो सके।नगर निगम ने पूरे क्षेत्र की फेंसिंग, सिंचाई और रखरखाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है।
जमीन और प्रशासनिक तैयारी
मिलिट्री ग्राउंड में पहले काफी अतिक्रमण था, जिसे नगर निगम और सेना ने मिलकर खाली कराया। सेना ने यह जमीन केवल ग्रीनरी डेवलपमेंट के लिए प्रदान की है और किसी अन्य निर्माण या गतिविधि की अनुमति नहीं दी।नगर निगम के उद्यान अधिकारी डॉ. अनुज ने बताया कि मानसून से पहले पौधरोपण का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, आर्मी ग्राउंड के चार हिस्सों में अलग-अलग पौधरोपण और फेंसिंग का कार्य किया जाएगा।
गाजियाबाद की वायु गुणवत्ता का वर्तमान हाल
जनवरी से अप्रैल 2026 तक गाजियाबाद में एक्यूआई लगातार बढ़ा हुआ है। जनवरी में लोनी का एक्यूआई 376, इंदिरापुरम 303, वसुंधरा 264 और संजय नगर 256 दर्ज किया गया। देश में ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 325 और गुड़गांव का 295 रहा।
यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) के रीजनल ऑफिसर अंकित सिंह के अनुसार, एक्यूआई सुधार के लिए नियमों का पालन कराना और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करना जारी है। इसमें फैक्ट्रियां और निर्माणाधीन भवन शामिल हैं।






































