नई दिल्ली: अरुण जेटली स्टेडियम में बुधवार को खेले गए सांसे रोक देने वाले मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स को गुजरात टाइटंस के हाथों महज 1 रन से शिकस्त झेलनी पड़ी। जीत के बेहद करीब पहुंचकर मिली इस हार ने दिल्ली के खेमे में मायूसी भर दी खासकर स्टार बल्लेबाज डेविड मिलर इस नतीजे से पूरी तरह टूट गए। मैच के बाद भावुक मिलर को दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल संभालते हुए और उनकी पीठ थपथपाते हुए नजर आए।
डेविड मिलर से हो गई गलती
टारगेट का पीछा करते हुए मैच के आखिरी पलों में सारा रोमांच सिमट आया था। दिल्ली को आखिरी दो गेंदों पर जीत के लिए सिर्फ 2 रन चाहिए थे। क्रीज पर मौजूद मिलर ने स्ट्राइक अपने पास रखने के लिए पांचवीं गेंद पर सिंगल लेने से मना कर दिया लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा की अगली स्लोअर बाउंसर ने उन्हें पूरी तरह छका दिया। बाई का रन लेने की कोशिश में नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े कुलदीप यादव रन आउट हो गए और दिल्ली की उम्मीदें वहीं दम तोड़ गईं।
फिर भावुक हो गए मिलर
मैच का परिणाम आते ही डेविड मिलर अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और मैदान पर ही बेहद भावुक नजर आए। अपनी तूफानी बल्लेबाजी से दिल्ली को जीत के करीब लाने के बाद अंतिम क्षणों में चूक जाने का मलाल उनके चेहरे पर साफ दिख रहा था। मिलर को इस कदर टूटा हुआ देख अक्षर पटेल ने तुरंत उनके पास जाकर उनसे हाथ मिलाया और उनकी पीठ थपथपाई।
गुजरात ने बनाए थे 210 रन
इससे पहले गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 210 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। ओपनिंग बल्लेबाज जोस बटलर (52) ने अपनी पुरानी लय में लौटते हुए तूफानी अर्धशतक जड़ा जिसके बाद कप्तान शुभमन गिल (70) और वाशिंगटन सुंदर (55) की पारियों ने स्कोर को 200 के पार पहुंचाया। दिल्ली के लिए केएल राहुल (92) और पथुम निसंका ने बेहतरीन शुरुआत की थी लेकिन बीच के ओवरों में राशिद खान ने तीन विकेट झटककर दिल्ली की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया।
चोट के बावजूद खेल रहे थे मिलर
मैच के 18वें ओवर तक गुजरात का पलड़ा भारी था और दिल्ली को आखिरी 12 गेंदों पर 36 रनों की दरकार थी। चोटिल उंगली का इलाज कराकर लौटे मिलर ने 19वें ओवर में मोहम्मद सिराज की धज्जियां उड़ाते हुए दो छक्के और एक चौके की मदद से 23 रन बटोरे और दिल्ली को मैच में वापस ला खड़ा किया। हालांकि अंतिम ओवर की रणनीति और प्रसिद्ध कृष्णा की चतुराई भरी गेंदबाजी के कारण मिलर की 20 गेंदों में नाबाद 41 रनों की आतिशी पारी भी दिल्ली को जीत की दहलीज पार नहीं करा सकी।

































