बेंगलुरु: कर्नाटक सीआईडी ने हाईकोर्ट से बेंगलुरु की धोखाधड़ी करने वाली एक महिला को कस्टडी में रखकर जांच करने की मांग की है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने महिला को अप्रैल 2025 में गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रोटेक्शन दी थी। महिला पर कई लोगों से सोना ठगने का आरोप है। महिला को पिछले साल ईडी ने गिरफ्तार किया था।
चार्जशीट दाखिल करने से पहले कस्टडी की मांग
सीआईडी की तरफ से पेश हुए एक एडिशनल स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ने 2 मार्च को हाईकोर्ट से 32 वर्षीय ऐश्वर्या गौड़ा को गिरफ्तारी से मिली सुरक्षा वापस लेने की अपील की। उन्होंने कोर्ट से सीआईडी की फाइनल चार्जशीट से पहले ऐश्वर्या गौड़ा समेत सभी आरोपियों के 15 दिन की कस्टडी की मांग की।
महिला पर धोखाधड़ी करने का है आरोप
- सीआईडी ने कर्नाटक हाईकोर्ट से धोखाधड़ी की आरोपी ऐश्वर्या गौड़ा की कस्टडी की मांग की
- कोर्ट ने आरोपी महिला को अप्रैल 2025 में गिरफ्तारी से प्रोटेक्शन दी थी
- महिला पर कई लोगों से सोना ठगने और धोखाधड़ी करने का आरोप है
कोर्ट ने खारिज की थी बेल एप्लीकेशन
ऐश्वर्या गौड़ा की एंटीसिपेटरी बेल एप्लीकेशन पिछले महीने एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने खारिज कर दी थी। इसके बाद आरोपियों ने पिछले हफ्ते धोखाधड़ी के चार मामलों में एंटीसिपेटरी बेल अर्जियां लेकर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। पिछले साल, स्पेशल प्रॉसिक्यूटर ने हाईकोर्ट को बताया था कि कोर्ट के ऑर्डर की वजह से सीआईडी ऐश्वर्या गौड़ा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ केस की जांच पूरी नहीं कर पा रही है। उन्होंने ऐश्वर्या गौड़ा के अलावा दूसरों के खिलाफ भी जांच जारी रखने के ऑर्डर मांगे थे।
बेंगलुरु पुलिस ने दर्ज किए थे धोखाधड़ी के चार केस
ऐश्वर्या गौड़ा अक्सर कर्नाटक कांग्रेस लीडर डी के सुरेश और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार की बहन बनकर अमीर डॉक्टरों और बिजनेशमैन तक पहुंच बनाती थी। बेंगलुरु पुलिस ने उस पर 2024-25 में धोखाधड़ी के चार केस दर्ज किए थे। इस मामले में सीबीआई को बेंगलुरु के छोटे-मोटे एक्टर के वॉयस सैंपल मिले हैं, जिसमें आरोप है कि उन्होंने धोखाधड़ी के कुछ मामलों में पीड़ितों से बात करते समय पूर्व MP डी के सुरेश बनकर बात की थी।

































