पाकिस्तान सुपर लीग ने समय-समय पर क्रिकेट के मैदान पर रोमांच तो पैदा किया है लेकिन अक्सर यह लीग अपने खेल से ज्यादा अजीबोगरीब विवादों और प्रशासनिक चूकों के कारण सुर्खियों में रही है। कभी डगआउट में नियमों की धज्जियां उड़ाते मोबाइल फोन का इस्तेमाल तो कभी खिलाड़ियों के बीच मैदान पर सरेआम हाथापाई और यहां तक कि फिक्सिंग के काले साये ने इस लीग की साख पर बार-बार सवाल खड़े किए हैं। हाल ही में 2026 के सीजन में जर्सी का रंग गेंद पर चढ़ने जैसी गली क्रिकेट स्तर की घटना ने एक बार फिर दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों को हैरान कर दिया है। आइए डालते हैं एक नजर उन 5 शर्मनाक मौकों पर जब पीएसएल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी किरकिरी और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।
डगआउट में फोन का इस्तेमाल (2020)
पीएसएल 2020 के दौरान एक बड़ी लापरवाही सामने आई जब कराची किंग्स और पेशावर जाल्मी के मैच के बीच कराची किंग्स के डगआउट में एक प्रतिनिधि सरेआम फोन पर बात करते हुए देखा गया। आईसीसी के कड़े नियमों के मुताबिकमैच के दौरान ड्रेसिंग रूम या डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस घटना के बाद शोएब अख्तर सहित कई दिग्गजों ने लीग के स्टैंडर्ड पर सवाल उठाए। हालांकि बाद में डीन जोन्स ने सफाई दी कि वह टीम के सीईओ थे जिन्हें अनुमति थी लेकिन सोशल मीडिया पर फैंस ने इसे नियमों की धज्जियां उड़ाना करार दिया।
वहाब रियाज और अहमद शहजाद की हाथापाई (2016)
2016 के सीजन में दो दिग्गज पाकिस्तानी खिलाड़ी वहाब रियाज और अहमद शहजाद मैदान पर ही आपस में भिड़ गए। क्वेटा ग्लैडिएटर्स के शहजाद ने जब वहाब को छक्का जड़ा तो अगली ही गेंद पर वहाब ने उन्हें बोल्ड कर दिया। विकेट लेने के बाद वहाब का आक्रामक जश्न शहजाद को रास नहीं आया और दोनों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। अंपायरों को बीच-बचाव करना पड़ा और बाद में दोनों खिलाड़ियों पर भारी जुर्माना (मैच फीस का 30-40%) लगाया गया।
डैनी मॉरिसन का चीयरलीडर्स के साथ डांस (2017)
पूर्व कीवी गेंदबाज और कमेंटेटर डैनी मॉरिसन अपने मजाकिया अंदाज के लिए जाने जाते हैं लेकिन 2017 में उनका एक अंदाज विवादों में आ गया। मॉरिसन को मैदान पर चीयरलीडर्स के साथ डांस करते और साथ साल्सा करते देखा गया। कई फैंस को यह हरकत एक प्रोफेशनल कमेंटेटर के लिए काफी शर्मनाक लगी। स्टेडियम में लोगों ने डैनी न्यू चीयरलीडर के पोस्टर तक लहराए जिससे लीग की गंभीरता पर सवाल उठे।
स्पॉट फिक्सिंग का काला साया (2017)
पीएसएल के इतिहास का सबसे काला अध्याय 2017 में तब लिखा गया जब लीग में स्पॉट फिक्सिंग का बड़ा स्कैंडल सामने आया। पीसीबी और आईसीसी की जांच के बाद शरजील खान खालिद लतीफ और मोहम्मद इरफान जैसे खिलाड़ियों को निलंबित कर दिया गया। कुछ खिलाड़ियों पर लंबे समय का बैन भी लगा।
सफेद गेंद का पिंक होना (2026)
पीएसएल 2026 के पहले ही मैच में एक अजीबोगरीब और गली लेवल की घटना घटी। हैदराबाद किंग्समेन के गेंदबाज अपनी जर्सी से गेंद को चमकाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन जर्सी की खराब क्वालिटी के कारण उसका मैरून रंग सफेद गेंद पर चढ़ गया और गेंद गुलाबी दिखने लगी। कप्तान मार्नस लाबुशेन ने भी इस पर हैरानी जताई। जर्सी का रंग छूटने की इस घटना ने सोशल मीडिया पर लीग को जमकर ट्रोल कराया और इसे दुनिया के सामने बेहद शर्मिंदा होना पड़ा।

































