नई दिल्ली, पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के दूसरे ही दिन चुनाव आयोग ने 6 अफसरों का तबादला कर दिया। आयोग ने पीयूष पांडे की जगह सिद्धनाथ गुप्ता को DGP बनाया है।
वहीं, आयोग ने राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को पद से हटा दिया है। उनकी जगह 1993 बैच के IAS दुष्मंत नारियाला को नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। सुप्रतिम सरकार की जगह अजय कुमार नंद को कोलकाता पुलिस कमिश्नर बनाया गया है।
साथ ही राज्य के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा की जगह 1997 बैच की IAS अफसर संघमित्रा घोष को गृह सचिव बनाया गया है। चुनाव आयोग के आदेश के मुताबिक यह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
नटराजन रमेश बाबू को सुधार सेवा महानिदेशक बनाया गया है। अजय मुकुंद रानाडे को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और IGP (कानून-व्यवस्था) का पद दिया गया है।
आदेश में कहा गया है कि जिन अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है, उन्हें चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी चुनाव से जुड़े पद पर तैनात नहीं किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने रविवार को बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया। बंगाल की 294 सीटों पर 2 फेज में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। 4 मई को रिजल्ट आएगा।
EC ने कहा- चुनाव तैयारियों की समीक्षा के बाद लिया फैसला
चुनाव आयोग ने आदेश में कहा कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद वह लगातार प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा कर रहा है। इसी क्रम में यह फैसला लिया गया है। आयोग का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक प्रशासनिक बदलाव किए जा रहे हैं।
5 मार्च: बंगाल के राज्यपाल का इस्तीफा, आरएन रवि नए गवर्नर
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने इस्तीफा दे दिया था। उनकी जगह तमिलनाडु के गवर्नर रहे आरएन रवि को बंगाल भेजा गया है। बोस 23 नवंबर 2022 को बंगाल के राज्यपाल बने थे।
बोस के कार्यकाल के दौरान कई बार ममता सरकार और राजभवन के बीच मतभेद भी सामने आए थे। हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बोस के इस्तीफे पर हैरानी जताते हुए कहा था कि ये केंद्र का एकतरफा फैसला है। गृह मंत्री अमित शाह ने मुझसे राय नहीं ली है।
पश्चिम बंगाल- 3 बार से ममता बनर्जी ही मुख्यमंत्री
14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं।

































