भोपाल। प्रदेश में एक अप्रैल से मकान, जमीन खरीदना महंगा हो जाएगा। जिला मूल्यांकन समितियों से प्राप्त कलेक्टर गाइडलाइन बढ़ाने के प्रस्तावों को केंद्रीय मूल्यांकन समिति ने मान्य करने का फैसला लिया। इसके अनुसार प्रदेश में अब अचल संपत्ति की रजिस्ट्री औसत 16 प्रतिशत अधिक दर पर होगी। वहीं, करीब पांच साल बाद पक्के मकान की निर्माण लागत दर में एक हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की वृद्धि की गई है। इसका असर भी प्रॉपर्टी की कीमत पर पड़ेगा।
महानिरीक्षक पंजीयन अमित तोमर की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन समिति की गुरुवार को बैठक हुई। इसमें सभी जिला मूल्यांकन समिति के प्रस्तावों पर विचार करके उन्हें मान्य किया गया। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में मकान, जमीन औसत 16 प्रतिशत महंगा हो जाएगा। एक अप्रैल से जो भी रजिस्ट्री होगी, उसके लिए अधिक दर चुकानी होंगी। प्रदेश में एक लाख पांच सौ स्थान हैं, जिनके लिए गाइड लाइन पर विचार हुआ। इसमें से 65 हजार 300 स्थानों पर गाइड लाइन बढ़ाने का फैसला लिया गया।
इसके लिए जिला मूल्यांकन समितियों ने पिछले पांच साल में हुई रजिस्ट्री के ट्रेंड को देखा गया। जनप्रतिनिधियों से चर्चा की गई और उनके सुझावों के आधार पर समितियों ने जो दर प्रस्तावित कीं, उसे ही मान्य किया गया। उधर, बैठक में यह भी तय किया गया कि पक्के मकान के निर्माण की सरकारी लागत को बढ़ाया जाए। पांच वर्ष से दर में वृद्धि नहीं की गई थी। समिति ने पक्के मकान की निर्माण लागत में 1000 प्रति वर्ग मीटर की बढ़ोतरी की है।
किस पर पड़ेगा असर?
इसका असर उन लोगों पर पड़ेगा जो मकान निर्माण के आधार पर संपत्ति की रजिस्ट्री करवाते हैं। पहली बार प्रीमियम अपार्टमेंट के रेट को सामान्य अपार्टमेंट से अलग किया गया है। ऐसे अपार्टमेंट जिनमें स्विमिंग पूल या गेम आदि की सुविधाएं हैं, वहां सामान्य मल्टीस्टोरी की तुलना में मूल्यांकन 10 प्रतिशत बढ़ाया जाएगा। टीन शेड और कच्चे मकान की निर्माण लागत में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

































