इस्लामाबाद: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सोमवार से तीन दिन (28-30 सितंबर) की शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक शुरू हो गई है। बैठक में एससीओ के दूसरे सदस्यों के साथ-साथ भारत का डेलीगेशन भी हिस्सा ले रहा है, जो सोमवार को शुरू हुई। यह बैठक अगले साल, 2027 में होने वाले ‘काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ स्टेट’ शिखर सम्मेलन की तैयारी के लिए है। भारतीय डेलीगेशन का पाकिस्तान जाना अहम है क्योंकि दोनों देशों के संबंध बीते कुछ समय से बेहद निचले स्तर पर हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार कोई डेलीगेशन इस्लामाबाद में है। हालांकि एक्सपर्ट का कहना है कि इसे रिश्ते में किसी बेहतरी की बजाय एक रुटीन कार्यक्रम की तरह ही देखा जाना चाहिए।
भारत के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई नेशनल कोऑर्डिनेटर आलोक डिमरी कर रहे हैं। वहीं पाकिस्तान के नेशनल कॉर्डिनेटर मोहम्मद फैसल बातचीत की अध्यक्षता कर रहे हैं। इससे पहले विदेश मंत्री जयशंकर ने 15-16 अक्टूबर, 2024 को SCO ‘काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट’ की बैठक के लिए इस्लामाबाद में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था।
पाकिस्तान के पास अध्यक्षता
SCO के सदस्य देशों में रूस, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, बेलारूस और चीन शामिल हैं। पाकिस्तान फिलहाल शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का अध्यक्ष है। वह अगस्त 2027 में इस्लामाबाद में होने वाले एसोसिएशन ऑफ काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ स्टेट (SCO शिखर सम्मेलन) की मेजबानी करेगा।
यह बैठक भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण रिश्तों के माहौल में हो रही है। हालांकि आपसी मतभेदों के बावजूद दोनों देश SCO की प्रक्रियाओं में हिस्सा लेते रहे हैं। भारत और पाकिस्तान 2017 में SCO के पूर्ण सदस्य बने थे। तब से दोनों देशों के अधिकारी संगठन की अलग-अलग बैठकों और संस्थागत प्रक्रियाओं में हिस्सा लेते रहे हैं।
एससीओ समिट की तैयारी के लिहाज से अहम
पाकिस्तान विदेश कार्यालय अनुसार इस्लामाबाद में हो रही यह बैठक पाकिस्तान की अध्यक्षता के दौरान होने वाली विभिन्न उच्च-स्तरीय बैठकों की तैयारियों में योगदान देगी, जिसमें अगस्त 2027 में होने वाली एससीओ राष्ट्राध्यक्ष परिषद की बैठक भी शामिल है। पाकिस्तान ने इसे अगले साल होने वाली एससीओ समिट से पहले बेहद अहम बताया है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री की ओर से हाल ही में कहा गया है कि 28 से 30 सितंबर तक इस्लामाबाद में होने वाली बैठक में ‘एससीओ सहयोग और तालमेल से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। इसमें पाकिस्तान की अध्यक्षता में होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा, एससीओ की आगामी बैठकों और कार्यक्रमों की तैयारी और संगठन के एजेंडे में शामिल दूसरे मुद्दे शामिल हैं।































