नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच रिश्तों में सुधार हो रहा है। इस महीने की शुरुआत में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए भारत आए थे। यह सात साल में उनकी भारत की पहली यात्रा थी। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की। जिनपिंग की इस यात्रा के बाद दोनों देशों रिश्तों में नई ताजगी के संकेत मिल रहे हैं। सरकार प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) के लिए चीनी निवेश वाली ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट कंपनियों की एप्लिकेशन्स पर विचार कर सकती है।
एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि इस कदम से चीनी कंपनियों के साथ टाटा ऑटोकॉम्प सिस्टम्स के दो वेंचर और JSW MG मोटर इंडिया को PLI का फायदा मिल सकता है। हालांकि अधिकारी ने साफ किया कि केवल उन्हें PLI एप्लिकेशन्स पर विचार किया जाएगा, जिन्हें FDI मंजूरी मिल गई है। PLI के तहत नई एप्लिकेशन्स के लिए कोई विंडो नहीं खोली जा रही है।
किसे होगा फायदा?
JSW MG मोटर इंडिया भारत में MG-ब्रांड की पैसेंजर गाड़ियां बेचती है। यह JSW ग्रुप और चीन की SAIC मोटर का जॉइंट वेंचर है। इसी तरह टाटा ऑटोकॉम्प सिस्टम्स का प्रेस्टोलाइट इलेक्ट्रिक बीजिंग के साथ वेंचर है जिसका नाम TACO प्रेस्टोलाइट है। यह कंपनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए एडवांस्ड इलेक्ट्रिक ड्राइवट्रेन और ट्रैक्शन मोटर डिजाइन और मैन्युफैक्चर करती है। इसी तरह TACO एयर इंटरनेशनल भी टाटा ऑटोकॉम्प सिस्टम्स और चीन की एयर इंटरनेशनल शंघाई का जॉइंट वेंचर है। यह कंपनी ऑटोमोटिव एयर-कंडीशनिंग बनाती है।
भारत और चीन के रिश्ते जून 2020 में गलवान घाटी में सीमा पर झड़पों के बाद रिश्ते खराब हो गए थे। उस समय भारत ने 200 से ज्यादा चीनी मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया था और जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों से सभी सेक्टर में FDI के लिए सरकार की पूर्व मंजूरी अनिवार्य कर दी थी।
ऑटो PLI स्कीम
हाल के महीनों में दोनों पक्षों ने मंत्री और अधिकारी स्तर की बातचीत बढ़ाई है और रिश्ते बेहतर होने के साथ सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है। भारत ने चीनी निवेश वाले FDI प्रस्तावों को मंजूरी देने में तेजी लाने के लिए नई गाइडलाइंस भी पेश की हैं। चीनी FDI प्रस्तावों के लिए मंजूरी में देरी के कारण PLI एप्लिकेशन्स की प्रोसेसिंग में देरी हुई थी।
अधिकारी ने कहा कि कुछ एप्लिकेशन्स को PLI बेनिफिट्स के लिए मंजूरी मिल गई है। इनमें इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के लिए चीनी पार्टनर के साथ डिक्सन टेक्नोलॉजीज का वेंचर भी शामिल है। ऑटो PLI स्कीम को सितंबर 2021 में ₹25,938 करोड़ के बजट के साथ मंजूरी दी गई थी। 2023-24 से, प्रोडक्शन में बढ़ोतरी, निवेश और घरेलू वैल्यू एडिशन (DVA) जैसे लक्ष्यों को पूरा करने पर इंसेंटिव दिए जाने थे।































