UTI AMC के वरिष्ठ उपाध्यक्ष इक्विटी विशाल चोपड़ा बताते हैं कि मिडकैप कंपनियों को उभरते हुए खिलाड़ियों की तरह समझ सकते हैं। स्मॉलकैप कंपनियों की तुलना में मिडकैप कंपनियां ज्यादा स्थापित और मजबूत होती हैं, जबकि लार्जकैप कंपनियों के मुकाबले उनमें आगे बढ़ने की ज्यादा संभावना रहती है। यही वजह है कि इनमें निवेश करने वालों को उन कंपनियों की शुरुआती यात्रा का हिस्सा बनने का मौका मिल सकता है, जो आगे चलकर बाजार की बड़ी कंपनियां बन सकती हैं।
मिडकैप शेयरों का रिटर्न कैसा?
पिछले कुछ वर्षों में देखें तो मिडकैप शेयरों ने अच्छा रिटर्न दिया है। इसका असर उन शेयर की कीमतों पर भी पड़ा है और उनका मूल्यांकन यानी वैल्यूएशन काफी बढ़ गया है। ऐसे में सवाल यह नहीं है कि मिडकैप कंपनियां अच्छी हैं या नहीं, बल्कि यह है कि उनकी भविष्य की कितनी बढ़ोतरी की उम्मीद उनकी मौजूदा कीमतों में पहले ही शामिल हो चुकी है। मिडकैप शेयरों का मौजूदा वैल्यूएशन उनके लंबे समय के औसत से काफी ऊपर है। इसकी एक वजह यह है कि लार्जकैप कंपनियों की तुलना में मिडकैप कंपनियों की कमाई तेजी से बढ़ी है और आगे भी बेहतर बढ़ोतरी की उम्मीद है। ऐसे में निवेशकों के लिए सुरक्षा का मार्जिन पहले की तुलना में कम हुआ है। लेकिन सिर्फ वैल्यूएशन देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। आखिरकार शेयर की कीमत को सही ठहराने वाली सबसे अहम चीज कंपनी की कमाई है।
मिडकैप कंपनियों के लिए अनुकूल माहौल
UTI AMC के वरिष्ठ उपाध्यक्ष इक्विटी विशाल चोपड़ा बताते हैं कि मिडकैप कंपनियों को उभरते हुए खिलाड़ियों की तरह समझ सकते हैं। स्मॉलकैप कंपनियों की तुलना में मिडकैप कंपनियां ज्यादा स्थापित और मजबूत होती हैं, जबकि लार्जकैप कंपनियों के मुकाबले उनमें आगे बढ़ने की ज्यादा संभावना रहती है। यही वजह है कि इनमें निवेश करने वालों को उन कंपनियों की शुरुआती यात्रा का हिस्सा बनने का मौका मिल सकता है, जो आगे चलकर बाजार की बड़ी कंपनियां बन सकती हैं।
मिडकैप शेयरों का रिटर्न कैसा?
पिछले कुछ वर्षों में देखें तो मिडकैप शेयरों ने अच्छा रिटर्न दिया है। इसका असर उन शेयर की कीमतों पर भी पड़ा है और उनका मूल्यांकन यानी वैल्यूएशन काफी बढ़ गया है। ऐसे में सवाल यह नहीं है कि मिडकैप कंपनियां अच्छी हैं या नहीं, बल्कि यह है कि उनकी भविष्य की कितनी बढ़ोतरी की उम्मीद उनकी मौजूदा कीमतों में पहले ही शामिल हो चुकी है। मिडकैप शेयरों का मौजूदा वैल्यूएशन उनके लंबे समय के औसत से काफी ऊपर है। इसकी एक वजह यह है कि लार्जकैप कंपनियों की तुलना में मिडकैप कंपनियों की कमाई तेजी से बढ़ी है और आगे भी बेहतर बढ़ोतरी की उम्मीद है। ऐसे में निवेशकों के लिए सुरक्षा का मार्जिन पहले की तुलना में कम हुआ है। लेकिन सिर्फ वैल्यूएशन देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। आखिरकार शेयर की कीमत को सही ठहराने वाली सबसे अहम चीज कंपनी की कमाई है।































