भोपाल। मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने जीआईएस (GIS) तकनीक पर आधारित ‘गरुड़’ (GARUD) प्लेटफॉर्म को ई-नगर पालिका और अन्य संबंधित विभागों के साथ एकीकृत किया है। इस डिजिटल व्यवस्था से एक तरफ जहां राज्य के निकायों के राजस्व में बढ़ोतरी हुई है, वहीं आपदा प्रबंधन और इंफ्रास्ट्रक्चर की निगरानी भी बेहद आसान हो गई है।
52 हजार से अधिक अचिन्हित संपत्तियों की पहचान
सैटेलाइट से प्राप्त तस्वीरों और जीआईएस डेटा के मिलान से प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में 52,000 से ज्यादा ऐसी संपत्तियों को खोजा गया जो अब तक कर-दायरे से बाहर थीं। इससे निकायों के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। क्लाउड-आधारित गरुड़ प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग करने के लिए केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश को ‘अचीवमेंट इन जीआईएस अवॉर्ड’ से नवाजा है।































