मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर भोपाल के लाल परेड ग्राउंड के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। इससे पहले राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का गायन हुआ। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्र गान जन-गण-मन की धुन बजाई गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परेड का निरीक्षण किया और परेड सलामी ली। परेड में सशस्त्र दलों ने हर्ष फायर किया और पुलिस बैंड ने राष्ट्रगान जन-गण-मन तथा देश भक्ति गीतों की धुनों से वातावरण में राष्ट्र प्रेम, और समर्पण के भाव का संचार किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं तथा प्रदेशवासियों के नाम संदेश दिया।
शहीदों और बलिदानियों के त्याग और समर्पण का किया स्मरण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को सर्वप्रथम आदरांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वाधीनता के संग्राम में रानी दुर्गावती, रानी अवंती बाई, महाराजा छत्रसाल और टंट्या मामा भील से लेकर शहीद चंद्रशेखर आजाद तक मध्यप्रदेश के अनगिनत वीर सपूतों ने अपनी आहुतियां दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृतज्ञ प्रदेश सभी को श्रद्धापूर्वक नमन करता है।
समान नागरिक संहिता महिलाओं को अत्याचार से मुक्ति दिलाएगी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की भूमि समानता, समरसता और समभाव की भूमि है। भगवान श्रीराम से लेकर भगवान श्रीकृष्ण तक और संतो से लेकर महापुरूषों तक, सभी ने समानता का संदेश दिया है। संविधान की इसी मूल भावना के अनुरूप, ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता कानून लागू कर रहें हैं। हमने “एक देश- एक विधान- एक प्रधान- एक निशान” के विचार को धरातल पर उतारकर, सबके लिए एक जैसा कानून लागू कर रहें हैं। समान नागरिक संहिता एक भेदभावपूर्ण व्यवहार को समाप्त कर समरसता का संचार करेगी। यूसीसी महिलाओं को अत्याचार और अन्याय से मुक्ति दिलाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समरसता के संत गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयन्ती का उत्सव प्रदेश में 18 अगस्त से मनाया जाएगा।
‘न देरी, न दूरी’ के लक्ष्य के साथ संचालित है जनविश्वास अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार गरीबों और वंचितों की सरकार है। समाज के सभी वर्गों के कल्याण के साथ ही तेज गति से विकास करते हुए हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। लोक का तंत्र पर भरोसा ही सुशासन की पहली सीढ़ी है। जन-कल्याण यदि साध्य है तो, जन-विश्वास और जन-संवाद उसके साधन। इसी लक्ष्य के साथ राज्य सरकार ने “न देरी, न दूरी” के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान 07 अगस्त से आरंभ किया है, अभियान का प्रथम चरण 08 जनवरी तक संचालित किया जाएगा।
प्रदेश में 17 धार्मिक एवं सांस्कृतिक लोकों का निर्माण किया जा रहा है
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजाभोज द्वारा स्थापित भोजशाला, सदियों तक ज्ञान-विज्ञान-अनुसंधान और संस्कृत भाषा का सबसे प्रखर केन्द्र रही है। भोजशाला में राज्य सरकार, भव्य सरस्वती लोक बनायेगी तथा यहां राजा भोज संस्थान की स्थापना की जायेगी। मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक एवं अध्यात्मिक अभ्युदय के लक्ष्य के साथ, 17 धार्मिक एवं सांस्कृतिक लोकों का निर्माण किया जा रहा है। एकात्म धाम परिसर में 2400 करोड़ रूपये के विकास कार्य प्रगति पर हैं। श्रीराम वन गमन पथ एवं श्रीकृष्ण पाथेय का निर्माण राज्य की अध्यात्मिक समृद्धि को वैश्विक मंच पर नई पहचान देगा और भावी पीढ़ियों को अपनी विरासत से जोड़ेगा।
अगले एक वर्ष में एक लाख से अधिक युवाओं को आईटीआई और
हर साल 10 हजार युवाओं को मिलेगी स्किल बेस्ड ट्रेनिंग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं के लिए बड़ा ऐलान करते हुए वर्ष 2027 को युवा कल्याण को समर्पित करने की बात कही। युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता एवं स्वरोजगार, रोजगार, स्टार्ट-अप, खेल-कला-संस्कृति और नेतृत्व क्षमता विकास को 7 प्रमुख स्तंभों में शामिल किया गया है। अगले एक वर्ष में एक लाख से अधिक युवाओं को आईटीआई तथा हर साल 10 हजार युवाओं को ग्लोबल स्किल पार्क में प्रशिक्षण देने की योजना है।
स्टार्ट-अप और नए उद्योगों पर फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 8 हजार स्टार्ट-अप संचालित हैं। इनकी संख्या 12 हजार से अधिक करने और 100 नए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। युवा पीढ़ी की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ड्रोन, सेमीकंडक्टर, एआई, स्पेसटेक और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में एमएसएमई की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े न्यायालयीन मामलों के त्वरित निराकरण के लिए भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में 4 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।
कक्षा 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ने वालों को हुनर देकर सशक्त बनाया जाएगा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार अगले ढाई वर्ष में, उन युवाओं पर विशेष रूप से फोकस करने जा रही है, जो किसी कारण से 10वीं की परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो पाए अथवा जिन्होंने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी है। हम ऐसे युवाओं के हाथ में हुनर देकर इतना सशक्त बनाएंगे कि वे प्रदेश ही नहीं बल्कि देश और विदेश जाकर भी रोजगार प्राप्त कर सके।
डिजीटल कंटेंट क्रिएटर्स को सम्मानित करेगी राज्य सरकार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आर्टीफिशियल इंटेलीजेन्स के इस युग में प्रधानमंत्री श्री मोदी की प्रेरणा से, मध्यप्रदेश “ऑरेन्ज इकॉनामी” के विकास की ओर भी, तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इसके अंतर्गत मल्टीमीडिया, गेमिंग, कला, मीडिया, मनोरंजन जगत, संस्कृति, अध्यात्म एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियाँ शामिल है। राज्य सरकार ने समाज को दिशा देने वाले डिजीटल कंटेंट क्रिएटर्स को विभिन्न केटेगरी में सम्मानित करने का भी निर्णय लिया है।
वर्ष 2027 में फिर भोपाल में ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि औद्योगिक विकास को गति देने के लिए वर्ष 2027 में भोपाल में फिर ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट आयोजित की जाएगी। राज्य में पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में 34 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए और इनमें से 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतार चुके हैं। प्रदेश के टेक (टेक्नोलॉजी) सेक्टर में 12 हजार करोड़ रूपए से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है।
हर जिले को निर्यात हब बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों को निर्यात हब बनाने की दिशा में कार्य करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सभी जिलों की निर्यात कार्य योजनाएं तैयार किए जाने की जानकारी दी गई। ‘वोकल फॉर लोकल, लोकल गोज ग्लोबल’ के तहत प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का विजन है कि, हम प्रत्येक जिले में एक एमएसएमई पार्क की स्थापना करेंगे। इसके साथ ही प्रदेश के 10 एमएसएमई क्लस्टर भी विकसित किए जाएंगे। भोपाल में इंजीनियरिंग सेक्टर के लिये 30 करोड़ रुपए की लागत से, नए केन्द्र की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई, विभिन्न नीतियों को भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा, सर्वाधिक निवेश मित्र नीतियों के रूप में सराहा गया है।
अगले छह माह में एक हजार डॉक्टरों की नियुक्ति होगी तथा स्वास्थ्य सेवाओं में आएगा डिजिटल बदलाव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में 1 नवंबर 2026 से मरीजों की जांच को पेपरलेस बनाने की घोषणा की गई। मरीजों की जांच और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगी तथा विशेषज्ञ डॉक्टरों का ऑनलाइन परामर्श उपलब्ध कराने की योजना है। डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए अगले 6 माह में एक हजार और डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूरे प्रदेश में बेहतर चिकित्सा सेवाओं के लिये निरंतर नये-मेडिकल कॉलेज खुल रहें हैं। विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता शिक्षा के लिये एक और चिकित्सा विश्वविद्यालय खोले जाने का निर्णय लिया है। इस तरह से प्रदेश में अब 2 चिकित्सा विश्वविद्यालय हो जायेंगे। इसी तरह से प्रदेश में 8 नये आयुर्वेदिक महाविद्यालय का निर्माण प्रारंभ कर दिया है तथा 9 वां कार्य भी शीघ्र प्रारंभ करेंगें।
सायबर सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक सायबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर होगा स्थापित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस विभाग में ढाई वर्षों में 14 हजार 704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है और 9,751 अतिरिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। सायबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और अनुसंधान के लिए अत्याधुनिक सायबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर स्थापित करने की योजना है।
हर विधानसभा क्षेत्र में बनेगा स्टेडियम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए मुख्यमंत्री युवा शक्ति योजना में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक-एक स्टेडियम बनाने का लक्ष्य रखा गया है। हाल के ग्लॉस्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 सहित अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश के खिलाड़ियों की उपलब्धियों की जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदक विजेताओं को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की महिला क्रिकेट खिलाड़ी सुश्री क्रांति गौड़, इग्लैंड के लॉर्डस मैदान में ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेट खिलाड़ी बन गई हैं।
किसानों को 4 गुना मुआवजा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कृषि भूमि के भू-अर्जन पर किसानों को 4 गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया है। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को खाद-बीज, बिजली, सिंचाई, समर्थन मूल्य पर उपार्जन, भावांतर, फसल बीमा, राहत और किसान सम्मान निधि सहित योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों के खातों में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई है।
भोपाल-इंदौर में मेट्रोपॉलिटन रीजन का निर्णय, जबलपुर और ग्वालियर भी इस तर्ज पर होंगे विकसित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल और इंदौर के सुनियोजित विकास के लिए मेट्रोपॉलिटन रीजन विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इसमें कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और पर्यावरण अनुकूल आधारभूत सुविधाओं पर जोर रहेगा। भविष्य में जबलपुर और ग्वालियर को भी इसी तर्ज पर विकसित करने की योजना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक निर्माण से लोक कल्याण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विगत ढाई वर्ष में प्रदेश में लगभग 23 हजार करोड़ रुपए की लागत से, 15 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण, उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण किया गया है। इंदौर-उज्जैन कॉरीडोर, इन्दौर-पीथमपुर इकॉनामिक कॉरीडोर एवं उज्जैन-जावरा हाईवे का भूमि-पूजन हो गया है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर एवं उज्जैन में रिंग रोड परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जिन्हें वर्ष 2028 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।
ग्रीन एनर्जी की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत करने की योजना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को नवकरणीय ऊर्जा का नया पॉवर सेंटर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश की विद्युत क्षमता में ग्रीन एनर्जी की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की योजना पर कार्य जारी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की सूर्य से ऊर्जा बनाने की अपील से प्रेरणा लेकर, हमने न केवल सूर्य से, बल्कि हमने पानी से तथा पानी पर भी बिजली बनाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सोलर-सह-एनर्जी स्टोरेज परियोजनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है। नर्मदापुरम में देश का पहला नवकरणीय ऊर्जा उपकरण का विनिर्माण क्षेत्र, मक्सी में सोलर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और मुरैना में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट लगाया जा रहा है।
550 से अधिक ई-बसों के संचालन की होगी शुरुआत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना’ के अंतर्गत प्रदेश के प्रमुख शहरों में 550 से अधिक ई-बसों के संचालन का भी निर्णय लिया गया है। हमने इन्दौर और भोपाल में मेट्रो रेल की सौगात दी है, जो तेजी से विकसित होते इन शहरों के यातायात की दृष्टि से बड़ी भूमिका तय करेगी। बरसों बाद मध्यप्रदेश में सड़क परिवहन की तस्वीर बदलने के लिये मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना शीघ्र प्रारंभ की जा रही है।
उज्जैन सिंहस्थ का आध्यात्मिक वैभव पूरी दुनिया को चकित करेगा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन सिंहस्थ-2028 के लिए तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं। श्रद्धालुओं की आस्था को केंद्र में रखते हुए शिप्रा नदी के निर्मल जल और अन्य सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जा रहा है। उज्जैन सिंहस्थ का आध्यात्मिक वैभव पूरी दुनिया को चकित कर देगा।
धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 17 धार्मिक एवं सांस्कृतिक लोक विकसित किए जा रहे हैं। एकात्म धाम परिसर में 2400 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रगति पर हैं। हमारे धार्मिक एवं अध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों का ही परिणाम है कि अब आगरा में ताजमहल देखने के लिए 01 वर्ष में जितने पर्यटक आते हैं, उतने श्रद्धालु उज्जैन में 01 माह में ही आ जाते हैं। पिछले वर्ष प्रदेश में रिकॉर्ड 14 करोड़ से अधिक पर्यटकों ने प्रदेश में पधारकर हमारी अतिथि देवो भवः की परंपरा का सम्मान किया है।
प्रदेश की बनी अंतर्राष्ट्रीय एयर कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन को आकाश जैसी ऊँचाई देने के लिए, हमने ‘पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा’ और ‘पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा’ की शुरुआत की है। प्रदेश में बीते 02 वर्ष में 10 नए मार्गों पर हवाई सेवाएं प्रारंभ हुई हैं। उड़ान योजना में मध्यप्रदेश को पहले चरण में 05 नए एयर पोर्ट्स की सौगात मिल रही है। इंदौर से अबूधाबी के लिए, सीधी अंतर्राष्ट्रीय विमान सेवा प्रारंभ हो गई है। भोपाल से शारजाह की, अंतर्राष्ट्रीय विमान सेवा शीघ्र प्रारंभ किए जाने का लक्ष्य है।































