नई दिल्ली: भारत में फूड एंड बेवरेज (F&B) बिजनेस को काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। कहा जाता है कि इस सेक्टर में करीब 90% ब्रांड दो साल के भीतर बंद हो जाते हैं। लेकिन चेन्नई के जहाबर सादिक (Jahabar Sadique) ने इस चुनौती के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है। आईटी की नौकरी छोड़कर उन्होंने साल 2016 में चाय किंग्स (Chai Kings) की शुरुआत की और आज यह चाय चेन तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी का लक्ष्य मौजूदा वित्तीय वर्ष में करीब 90 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल करना है।
IT जॉब छोड़ शुरू किया चाय का बिजनेस
जहाबर सादिक ने नौकरी छोड़कर फूड और बेवरेज सेक्टर में कदम रखा। उन्होंने साल 2016 में इसकी शुरुआत अपने दोस्त बालाजी सदागोपन के साथ मिलकर की थी। जहाबर का कहना है कि चाय का बिजनेस बाहर से जितना आसान दिखता है, असल में उतना ही मुश्किल है।
कर्मचारियों को रोकना बड़ी चुनौती
जहाबर के अनुसार रिटेल इंडस्ट्री में कर्मचारियों को लंबे समय तक बनाए रखना बड़ी चुनौती है। कई बार कर्मचारी सिर्फ 1000 से 2000 रुपये ज्यादा सैलरी के लिए नौकरी बदल लेते हैं।
इसके अलावा सप्लाई चेन में आने वाली दिक्कतें और मांग में बदलाव भी कारोबार को प्रभावित करते हैं। वहीं, F&B कंपनियों के लिए बार-बार कीमत बढ़ाना भी आसान नहीं होता। आमतौर पर मेन्यू की कीमत साल में एक बार या कई बार दो साल में बदलनी पड़ती है।
कुछ स्वाद हमेशा डिमांड में
ग्राहकों की पसंद लगातार बदलती रहती है, लेकिन चाय के कुछ लोकप्रिय स्वादों की मांग स्थिर रहती है। चाय किंग्स में अदरक चाय और मसाला चाय जैसे विकल्प लगातार पसंद किए जाते हैं। जहाबर का मानना है कि कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए ग्राहकों की बदलती पसंद और हेल्थ ट्रेंड्स पर भी नजर रखना जरूरी है।
सही कीमत जरूरी
चाय किंग्स के बिजनेस मॉडल में सही कीमत तय करना बेहद अहम है। जहाबर के मुताबिक कीमत बहुत ज्यादा या बहुत कम रखने से ग्राहक की उम्मीद और कंपनी की कमाई, दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
कंपनी का फोकस ऐसा माहौल बनाने पर है, जहां ग्राहक आराम से चाय पी सकें और करीब 15 से 20 मिनट में निकल जाएं। इससे टेबल जल्दी खाली होती हैं और ज्यादा ग्राहक आ सकते हैं।
55% कमाई सीधे स्टोर से
फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म भी चाय किंग्स के कारोबार में अहम भूमिका निभा रहे हैं। जहाबर के मुताबिक कंपनी की करीब 55% कमाई वॉक-इन ग्राहकों से आती है, जबकि 45% रेवेन्यू डिलीवरी प्लेटफॉर्म से आता है।
अब तक कितना रेवेन्यू?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चाय किंग्स का वित्त वर्ष 2024 में 44 करोड़ रुपये से अधिक का रेवेन्यू था। वहीं वित्त वर्ष 2025 में रेवेन्यू 48.3 करोड़ रहा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 56 करोड़ रुपये के रेवेन्यू का लक्ष्य रखा था। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में लक्ष्य लगभग 90 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल करना है।
































