कोण्डागांव। कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना ने बुधवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने पर बल देते हुए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत चिन्हित विभिन्न रोगों के प्रकरणों तथा उनके उपचार एवं फॉलोअप की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा सभी प्रकरणों का समयबद्ध फॉलोअप सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने जिले में संचालित एचपीवी टीकाकरण अभियान की अपेक्षाकृत धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त करते हुए विद्यालयवार रोस्टर तैयार कर शिक्षा विभाग के समन्वय से पात्र बालिकाओं का शत–प्रतिशत टीकाकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने टीकाकरण में आने वाली किसी भी समस्या की तत्काल जानकारी उपलब्ध कराने को भी कहा। उन्होंने उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, सतत फॉलोअप एवं सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए इसकी निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने मलेरिया की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने, संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच कराने तथा जनजागरूकता गतिविधियों को तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की मलेरिया जांच भी नियमित रूप से सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में मिशन एमएमआर तथा टीबी मुक्त अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने इन कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा–निर्देश देते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूर्ण करने पर बल दिया।
बैठक में अपर कलेक्टर चित्रकांत चाली ठाकुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी आर.के. चतुर्वेदी, सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक पी.एल. मंडावी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
कोण्डागांव। कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना ने बुधवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने पर बल देते हुए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत चिन्हित विभिन्न रोगों के प्रकरणों तथा उनके उपचार एवं फॉलोअप की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा सभी प्रकरणों का समयबद्ध फॉलोअप सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने जिले में संचालित एचपीवी टीकाकरण अभियान की अपेक्षाकृत धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त करते हुए विद्यालयवार रोस्टर तैयार कर शिक्षा विभाग के समन्वय से पात्र बालिकाओं का शत–प्रतिशत टीकाकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने टीकाकरण में आने वाली किसी भी समस्या की तत्काल जानकारी उपलब्ध कराने को भी कहा। उन्होंने उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, सतत फॉलोअप एवं सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए इसकी निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने मलेरिया की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने, संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच कराने तथा जनजागरूकता गतिविधियों को तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की मलेरिया जांच भी नियमित रूप से सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में मिशन एमएमआर तथा टीबी मुक्त अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने इन कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा–निर्देश देते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूर्ण करने पर बल दिया।
बैठक में अपर कलेक्टर चित्रकांत चाली ठाकुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी आर.के. चतुर्वेदी, सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक पी.एल. मंडावी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
































