नितेश तिवारी की 4000 करोड़ी फिल्म ‘रामायणम्’ का ट्रेलर रिलीज होने के बाद से ही लगातार सुर्खियों में है। तब से इसी पर चर्चा हो रही है कि क्या राम के किरदार में रणबीर कपूर जंचेंगे? साई पल्लवी सीता के किरदार के साथ न्याय कर पाएंगी? ट्रेलर में राम-सीता बने रणबीर और साई पल्लवी को देख सोशल मीडिया बंटा हुआ है। हर कोई उनकी तुलना रामानंद सागर की ‘रामायण’ के राम-सीता से कर रहा है। अब अमीषा पटेल ने भी इस पर रिएक्ट किया है और कहा कि पुरानी ‘रामायण’ को मात देना मुश्किल है।
अमीषा पटेल ने’रामायणम्’ में राम के किरदार में रणबीर कपूर को कास्ट किए जाने पर भी अपने विचार रखे, और कहा कि फिल्म देखने पर ही पता चलेगा कि रणबीर राम के रोल में कैसे लगेंगे। अमीषा ने यह बात जुहू में एक डबिंग स्टूडियो के बाहर पपाराजी से कही।
‘रामायणम्’ पर बोलीं अमीषा पटेल- पुरानी रामायण बेंचमार्क है
पपाराजी ने जब अमीषा से पूछा कि उन्हें नितेश तिवारी की ‘रामायणम्’ का ट्रेलर कैसा लगा, तो वह बोलीं, ‘अच्छा लगा। उम्मीद करती हूं कि अच्छा जाए, क्योंकि ये हमारी एक ऐतिहासिक कहानी है। पौराणिक महाकाव्य है। बचपन से हम लोग रामानंद सागर जी की ‘रामायण’ देख रहे हैं, तो वो बेंचमार्क एक हमारे दिमाग में है। तो मुझे उम्मीद है। टीम को शुभकामनाएं।’
राम बने रणबीर कपूर पर बोलीं- फिल्म देखकर पता चलेगा कैसे लगेंगे
पपाराजी ने फिर अमीषा पटेल से ‘रामायणम्’ में भगवान राम के किरदार में रणबीर कपूर की कास्टिंग के बारे में पूछा। वह बोलीं, ‘मुझे लगता है हर एक ने अपना किरदार अच्छे तरीके से किया है, और अभी फिल्म देखना बाकी है, तो फिल्म देख के पता चलेगा कि कैसे दिखेंगे। बहुत मुश्किल है सबके लिए ये किरदार, आप जानते हैं। पुरानी ‘रामायण’ को मात देना एक टास्क है।’
रामानंद सागर की ‘रामायण’ आज भी लोकप्रिय
बता दें कि साल 1987 में आई रामानंद सागर की ‘रामायण’ में अरुण गोविल ने भगवान राम का किरदार निभाया था। लोग उन्हें पूजने लगे थे और आज तक असल जिंदगी में भी राम ही मानते हैं। वह अब ‘रामायणम्’ में राजा दशरथ के किरदार में हैं। वहीं सीता का किरदार दीपिका चिखलिया ने निभाया था। 39 साल पहले न तो इतनी उन्नत तकनीक थी, और ना ही VFX और एडवांस्ड स्पेशल इफेक्ट्स। उसके बावजूद रामानंद सागर ने 7-9 करोड़ रुपये में पूरा सीरियल बना डाला था। आज तक राम से लेकर लक्ष्मण, भरत, सीता,रावण और शूर्पणखा तक का किरदार निभाने वाले सभी कलाकार अमर हो गए।































