भोपाल। भोपाल को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा ईकाई सिटी (एजुकेशन, नॉलेज एंड एआई सिटी) के रूप में तैयार किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार से लगभग 10 हजार करोड़ रुपये मिलेंगे। वहीं, उज्जैन में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी।
डीपटेक रिसर्च पार्क भी इसका हिस्सा होगा। यह जानकारी शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा के दौरान दी गई।
बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि अमेरिका की चार यूनिवर्सिटी मध्य प्रदेश में अपना अध्ययन परिसर खोलना चाहती हैं। उनसे भी समन्वय जारी है।
तकनीकी आत्मनिर्भरता होगी मजबूत
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी भविष्य की अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। प्रदेश में इस क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में होने वाला निवेश न केवल औद्योगिक विकास को गति देगा, बल्कि रोजगार सृजन, अनुसंधान, स्टार्टअप संस्कृति और तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी मजबूती प्रदान करेगा।उन्होंने विभागीय अधिकारियों से नवाचार आधारित परियोजनाओं को प्राथमिकता देने और निवेशकों के साथ सतत संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि हमें प्रदेश को ज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का सशक्त केंद्र बनाना होगा। निवेश परियोजनाओं को जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जाए।
उज्जैन में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना
उज्जैन में मेडि सिटी, साइंस सिटी और इंजीनियरिंग कॉलेज भी तैयार किया जा रहा है, इसीलिए यहां पर मेडिकल, साइंस और टेक्निकल एजुकेशन के एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए केंद्र सरकार से समन्वय किया जाए। बढ़ती जरूरतों के मद्देनजर राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को और भी सुदृढ़ बनाने पर काम हो।

































