भोपाल। रेलवे विभाग भोपाल सेक्शन में रेल ट्रैक को अधिक मजबूत और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। इसके तहत रेलवे ने रेल पटरियों के जोड़ों की आधुनिक तकनीक से वेल्डिंग और मरम्मत का कार्य शुरू करने का निर्णय लिया है।इस परियोजना पर करीब 1 करोड़ 26 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे और इसे अगले 12 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार सेक्शन में 60 किलो और 90 यूटीएस/आर-260 रेलों के जोड़ों पर एल्यूमिनोथर्मिक थरमिट (एटी) वेल्डिंग की जाएगी। इसके लिए सिंगल शॉट क्रूसिबल तकनीक का उपयोग होगा।
परियोजना के तहत वेल्डिंग से जुड़ा आवश्यक उपकरण और सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी।
ट्रैक की मजबूती से बढ़ेगी सुरक्षा
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि लगातार दबाव और कंपन के कारण कई स्थानों पर रेल पटरियों के जोड़ कमजोर हो जाते हैं। इससे ट्रैक में दरार और झटकों की आशंका बनी रहती है। नई तकनीक से वेल्डिंग होने के बाद ट्रैक अधिक टिकाऊ और मजबूत बनेंगे।
यात्रियों को मिलेगा आरामदायक सफर
मजबूत ट्रैक बनने से ट्रेनों के संचालन में सुरक्षा बढ़ेगी और यात्रियों को सफर के दौरान कम कंपन महसूस होगा। रेलवे का मानना है कि इससे मालगाड़ियों और लंबी दूरी की ट्रेनों की आवाजाही भी अधिक सुगम होगी।
साथ ही ट्रैक की बार-बार मरम्मत की आवश्यकता कम पड़ेगी और ट्रेनों की गति बनाए रखने में मदद मिलेगी।
क्या है एटी वेल्डिंग तकनीक?
एल्यूमिनोथर्मिक थरमिट (एटी) वेल्डिंग रेलवे ट्रैक जोड़ने की आधुनिक तकनीक है। इसमें विशेष रासायनिक प्रक्रिया के माध्यम से दो रेल पटरियों को आपस में जोड़ा जाता है। इससे जोड़ अधिक मजबूत, टिकाऊ और लंबे समय तक सुरक्षित बने रहते हैं।

































