बीजिंग: चीनी नेवी ने सोमवार को विमानवाहक पोत लियाओनिंग को ताइवान जलडमरूमध्य में भेजा है। इस साल की शुरुआत के बाद यह पहला मौका है, जब चीनी विमानवाहक युद्धपोत इस जलमार्ग से गुजरा है। चीन की ओर यह तैनाती जापान के एयरक्राफ्ट कैरियर के ताइवान स्ट्रेट से गुजरने के बाद हुई है। इससे जापान और चीन के बीच समुद्र में तनातनी बढ़ सकती है। दोनों देशों के रिश्ते पहले ही तनावपूपर्ण दौर में हैं। ताइवान स्ट्रेट में यह तनातनी ऐसे समय हो रही है, जब होर्मुज स्ट्रेट में ईरान और अमेरिका आमने-सामने हैं।
मिलिट्रीवॉच मैगजीन के मुताबिक, चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी ने 20 अप्रैल को अपने लियाओनिंग एयरक्राफ्ट कैरियर को ताइवान जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए तैनात किया। यह तैनाती जापान मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स की उस कार्रवाई का जवाब है, जिसमें उसने 17 अप्रैल को अपने मुरासामे श्रेणी के विध्वंसक पोत जेएस इकाजुची को इस स्ट्रेट से गुजरने के लिए तैनात किया था।
चीन-जापान तनाव
जापान की ओर से जेएस इकाजुची की तैनाती पर गुस्सा जाहिर किया गया था और इसे जानबूझकर की गई उकसावे की कार्रवाई करार दिया था। इसके बाद चीन ने भी अपना युद्धपोत उतार दिया है। ये दोनों तैनाती टोक्यो और बीजिंग के बीच बढ़ते तनाव को दिखाती हैं। बीते साल नवंबर में जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने ताइवान में चीनी हमले की सूरत में सैन्य हस्तक्षेप करने की धमकी दी थी।चीन का लियाओनिंग उन तीन विमानवाहक पोतों में से एक है, जो इस समय पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी में सेवा में हैं। बीते साल दिसंबर में इसे ओकिनावा के पश्चिम में स्थित कुबाशिमा द्वीप के पास तैनात किया गया था। उस समय इस तैनाती को ताकाइची के बयान का सीधा जवाब माना गया था। इससे दोनों पक्षों में तनातनी बढ़ गई थी, जो लगातार जारी है।
बीते साल हुई थी तनातनी
बीते साल के आखिर में लियाओनिंग के संचालन के दौरान 6 दिसंबर को ओकिनावा द्वीप के दक्षिण-पूर्व में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र के ऊपर एक चीनी J-15 लड़ाकू विमान ने एक जापानी F-15 लड़ाकू विमान को अपने रडार पर ‘लॉक’ (निशाना) कर लिया था। जापानी सैन्य नेतृत्व उस दिन चीनी J-15B और जापानी F-15 लड़ाकू विमानों के बीच हुई दो झड़पों के परिणामों से घबरा गया था।लियाओनिंग और उसकी श्रेणी के दूसरे पोत शैनडॉन्ग की क्षमताओं में हालिया समय में उल्लेखनीय सुधार किया गया है। यह सुधार नए J-15B ‘4+ पीढ़ी’ के लड़ाकू विमानों और उन्हें सहायता प्रदान करने वाले J-15D इलेक्ट्रॉनिक अटैक जेट्स को इन पोतों के बेड़े में शामिल करने के बाद संभव हो पाया है।

































