कोलंबो: भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन श्रीलंका की ऐतिहासिक यात्रा पर हैं। यह किसी भी भारतीय उपराष्ट्रपति की श्रीलंका की पहली द्विपक्षीय यात्रा है, जो रिश्तों में नया अध्याय जोड़ती है। भारतीय उपराष्ट्रपति रविवार सुबह उच्च स्तरीय प्रतिनिधिनमंडल के साथ कोलंबो पहुंचे। यात्रा के पहले दिन उन्होंने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के साथ मुलाकात की। इस दौरान भारत और श्रीलंका के बीच सीधी पाइपलाइन को लेकर चर्चा हुई। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इस बारे में जानकारी दी है।
भारत-श्रीलंका के बीच सीधी पाइपलाइन
कोलंबो में विक्रम मिस्री ने पत्रकारों को बताया कि श्रीलंका के राष्ट्रपति के साथ हुई बैठक में भारत और द्वीपीय देश के साथ ऑयल पाइपलाइन के साथ ही उत्तर-पूर्वी बंदरगाह त्रिंकोमाली में प्रस्तावित तेल हब पर भी चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट में संयुक्त अरब अमीरात भी शामिल है और इस पर 2023 से ही बातचीत चल रही है।
भारत, श्रीलंका और UAE में समझौता
भारत, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने एक साल पहले एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते का मकसद दक्षिण एशिया के इन दो पड़ोसी देशों को जोड़ने वाली एक मल्टी-प्रोडक्ट तेल पाइपलाइन बिछाना और त्रिंकोमाली में एक तेल भंडारण परिसर स्थापित करना है।
श्रीलंका में द्वितीय विश्व युद्ध के दौर का भंडारण केंद्र
- श्रीलंका के त्रिंकोमाली में पहले से ही ब्रिटिश औपनिवेशिक काल का 99 टैंक वाला एक तेल भंडारण केंद्र मौजूद है। इसे द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान तैयार किया गया था।
- एक भारतीय तेल कंपनी ने श्रीलंका के साथ समझौते किए हैं, जिसके तहत 14 टैंक इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
- भारत और श्रीलंका ने पिछले साल इस प्रस्तावित हब का विस्तार करके इसमें एक रिफाइनरी शामिल करने की उम्मीद जताई थी।
- दोनों पक्षों ने बिजली साझा करने के लिए एक पावर लाइन पर भी चर्चा की थी।






































