भोपाल। राजधानी भोपाल में नाबालिग लड़कियों को झांसे में लेकर कथित मतांतरण और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े एक नेटवर्क की जांच तेज हो गई है। हाल ही में सामने आए मामलों के बाद पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को संगठित रूप से संचालित गिरोह के तौर पर देख रही है।
दोस्ती कर अपने प्रभाव में लेते थे
जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपित युवतियों से दोस्ती कर उन्हें अपने प्रभाव में लेते थे। इसके बाद उन्हें होटल, क्लब और अन्य स्थानों पर ले जाकर कथित रूप से नशे की लत लगाई जाती थी। पुलिस को यह भी इनपुट मिले हैं कि कुछ मामलों में युवतियों को ब्लैकमेल कर दबाव बनाने की कोशिश की गई।
पुलिस अधिकारियों का क्या कहना
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शहर के बाहरी इलाकों में स्थित कुछ कैफे और रेस्टोरेंट्स को संदिग्ध गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जाने के संकेत मिले हैं। वर्ष 2025 में पिपलानी क्षेत्र के एक रेस्टोरेंट पर कार्रवाई भी की गई थी।
अशोकनगर जिले की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपितों का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपितों और उनके सहयोगियों की भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है। कुछ संदिग्ध मददगारों और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है।
इस एंगल से भी जांच जारी
पुलिस ने आरोपितों को न्यायालय में पेश कर रिमांड लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं, जिसमें नशा, ब्लैकमेलिंग और अन्य आपराधिक गतिविधियां शामिल हैं, की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

































