तेहरान: पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर अपने डेलीगेशन के साथ बुधवार को तेहरान पहुंचे थे। उनकी ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात हुई है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख के इस दौरे का मकसद ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम समझौते पर दूसरे दौर की वार्ता के लिए जमीन तैयार करना है। इस्लामाबाद में हुई बेनतीजा रही थी लेकिन दावा किया जा रहा है कि दूसरे दौर की वार्ता से कुछ अच्छे नतीजे आ सकते हैं।
अल जजीरा ने सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया है कि पाकिस्तानी अधिकारियों को ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम पर चल रही बातचीत में बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है। यह उम्मीद तब दिखी, जब असीम मुनीर के नेतृत्व में उच्च-स्तरीय पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल अमेरिका का संदेश लेकर तेहरान पहुंचा। सूत्रों के कहना है कि ईरान की ओर से पाकिस्तानी डेलीगेशन को अच्छे संकेत मिले हैं, जिससे वह खुश हैं।
परमाणु कार्यक्रम पर पाकिस्तान को सफलता!
अल जजीरा के लिए अमेरिका-ईरान विवाद को कवर कर रहे ओसामा बिन जावेद ने बताया कि पाकिस्तानी अधिकारियों को खासतौर से ईरान के परमाणु मोर्चे पर एक बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है। ऐसा लगता है कि इस मुद्दे पर दोनों पक्षों में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सहमति तकरीबन बन गई है।
‘यूरेनियम का क्या किया जाए’
इस बात पर भी चर्चा चल रही है कि ईरान अपने 440 किलोग्राम संवर्धित परमाणु सामग्री का क्या करेगा। इसके विकल्पों में- इसे किसी तीसरे पक्ष के जरिए विदेश भेजने, इसे घटाकर इसके प्राकृतिक रूप वाले यूरेनियम के स्तर तक लाने या फिर इसे 3 प्रतिशत के स्तर तक सीमित करना शामिल है।
ओसामा बिन जावेद का कहना है कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है। अमेरिका और ईरान की ओर से मिले संदेशों से पाकिस्तानी यह उम्मीद कर रहे हैं कि इन सभी मुद्दों पर कोई बीच का रास्ता निकल जाएगा। पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को लग रहा है कि वह तेहरान को मनाने में सफल हो जाएगा।
ट्रंप के बयान से बढ़ी उम्मीद
इस्लामाबाद में दूसरे दौर की वार्ता होने और उसके सफल होने की उम्मीदों को अमेरिका से आए बयानों से भी ताकत मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार रात कहा कि दुनिया को आने वाले दो शानदार दिनों के लिए तैयार रहना चाहिए क्योंकि ईरान के साथ चल रहा युद्ध समाप्ति के बेहद करीब है।
ईरान ने मानी संपर्क की बात
ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि इस्लामाबाद में हुई बातचीत के समापन के बाद अमेरिका के साथ उनका संवाद टूटा नहीं है। मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि पाकिस्तान के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच कई संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है। ईरान ने विभिन्न मुद्दों पर अपना पक्ष रखा है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों और उम्मीदें लगाने के बावजूद ईरान और अमेरिका की तनातनी बरकरार दिख रही है। खासतौर से अमेरिकी नेवी की ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई नाकेबंदी ने तनाव को बढ़ाया है। ईरान ने अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य से अपनी नाकेबंदी हटाने की चेतावनी दी है।



































