नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मंगलवार को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। इसे दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर भी कहा जाता है। पीएम मोदी के उद्घाटन के साथ ही 213 किलोमीटर लंबा छह लेन वाला यह एक्सप्रेसवे आम लोगों के लिए शुरू हो जाएगा। यह कॉरिडोर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों से होकर गुजरता है। इससे दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी करीब ढाई घंटे में पूरी होगी। अभी देहरादून पहुंचने में करीब 6 घंटे लगते हैं।
इस एक्सप्रेसवे को तीन कंपनियों ने मिलकर बनाया है। इसे बनाने में 12000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। यह कॉरिडोर पर्यटन और आर्थिक रूप से व्यापार और विकास के नए रास्ते खोलेगा। इस एक्सप्रेसवे के खुलने से न केवल दिल्ली-उत्तराखंड के बीच पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी।
तीन कंपनियों ने बनाया है दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसव के प्रबंधन की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की है। इस एक्सप्रेसवे को तीन कंपनियों ने मिलकर बनाया है। ये इस प्रकार हैं:
- गावर कंस्ट्रक्शन (Gawar Construction)
- कृष्णा कंस्ट्रक्शंस (Krishna Constructions)
- शिव बिल्ड इंडिया (Shiv Build India)
4 चरणों में पूरा हुआ दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का काम
इस एक्सप्रेसवे को बनाने का काम चार चरणों में पूरा हुआ है। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक यह एक्सप्रेसवे इन चरणों में पूरा हुआ है:
फेज 1: दिल्ली से बागपत
पहला चरण दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से शुरू हुआ था। करीब 32 किमी लंबे पहले फेज पर काम ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के नजदीक खेकड़ा (बागपत) तक चला।
फेज 2: बागपत से सहारनपुर
दूसरे चरण का काम खेकड़ा (बागपत) से शुरू हुआ। करीब 120 किमी लंबा यह फेज सहारनपुर बायपास तक है। इस फेज को ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के तौर पर विकसित किया गया।
तीसरा फेज सहारनपुर बाईपास से उत्तराखंड में गणेशपुर तक रहा। यह फेज 42 किमी लंबा है।
यह फेज गणेशपुर से देहरादून तक का है जो करीब 20 किमी लंबा है। इसमें 4.6 किमी का अपग्रेडेड हिस्सा शामिल है। बाकी हिस्सा नए सिरे से बनाया गया है।
6 साल में पूरा हुआ दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का प्रोजेक्ट
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को पूरा होने में 6 साल से ज्यादा का समय लगा है। हालांकि कंस्ट्रक्शन का काम करीब 5 साल में ही पूरा हो गया। बाकी समय जमीन अधिग्रहण और केंद्र सरकार से फंड मिलने में लगा। इस प्रोजेक्ट की टाइमलाइन इस प्रकार है:
- फरवरी 2020: केंद्र सरकार ने आधिकारिक तौर पर इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को मंजूरी दी।
- जनवरी 2021: अक्षरधाम से बागपत जिला सीमा तक के पहले दो चरणों के लिए भूमि अधिग्रहण और निविदा आवंटन का काम पूरा हुआ।
- नवंबर 2021: हरिद्वार को इस एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 2,095 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।
- दिसंबर 2021: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 दिसंबर को औपचारिक रूप से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे निर्माण की आधारशिला रखी।
- जनवरी 2022: शामली-अंबाला एक्सप्रेसवे लिंक के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई।
- अगस्त 2022: राजाजी नेशनल पार्क (इको-सेंसिटिव जोन) से गुजरने वाले सबसे कठिन 20 किमी के हिस्से का निर्माण पूरा कर लिया गया।
- मार्च 2025: इस एक्सप्रेसवे को खोलने की डेडलाइन मार्च 2025 तय की गई थी। बाद में इसे बढ़ाकर पहले जुलाई और फिर अगस्त किया गया।
- जुलाई 2025: इस समय तक भी यह एक्सप्रेसवे शुरू नहीं हुआ। डेडलाइन फिर से बढ़ाकर दिसंबर 2025 कर दी गई।
- दिसंबर 2025: अक्षरधाम से बागपत तक के हिस्से को ट्रायल रन के लिए आम जनता के लिए खोल दिया गया।
- अप्रैल 2026: आज इस एक्सप्रेसवे को आज जनता के लिए खोल दिया जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी आज इसका उद्घाटन करेंगे।

































