भोपाल। लाल परेड ग्राउंड में चल रही एनएसजी की मॉक ड्रिल के दौरान एक एसटीएफ कमांडो की हार्ट अटैक से मौत हो गई। घटना सोमवार सुबह की है। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद वह बैरक में आराम करने गए, जहां कुछ देर बाद मृत अवस्था में मिले।
35 वर्षीय रावेंद्र भदौरिया उर्फ सोनू भदौरिया, रायसेन जिले के उदयपुरा के रहने वाले थे। वे 2011 बैच के एसएएफ के कांस्टेबल थे और 2013 से एसटीएफ में पदस्थ थे। उन्होंने कमांडो प्रशिक्षण भी प्राप्त किया था और वर्तमान में भोपाल के नेहरू नगर पुलिस लाइन में रह रहे थे।
साथियों को अचेत अवस्था में मिले
- चार अप्रैल से लाल परेड ग्राउंड में एनएसजी की मॉकड्रिल चल रही थी। सोमवार को इसका तीसरा दिन था। सुबह करीब सात बजे रावेंद्र ग्राउंड पहुंचे और आठ बजे से शुरू हुई ड्रिल में शामिल हुए। इस दौरान सभी जवान एनएसजी कमांडो की कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण ले रहे थे।
- करीब 9 बजे के आसपास रावेंद्र की तबीयत अचानक बिगड़ गई। वे बिना किसी को बताए वहां से निकलकर कंट्रोल रूम के पीछे स्थित बैरक में चले गए और आराम करने लगे। करीब दस बजे साथियों ने उन्हें देखा तो वे अचेत पड़े थे। तुरंत अधिकारियों को सूचना दी गई और अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने हार्ट अटैक से मौत की पुष्टि की।
7 अप्रैल से एसटीएफ और एटीएस का विस्तृत प्रशिक्षण
लाल परेड ग्राउंड में एनएसजी द्वारा आयोजित माक ड्रिल में आतंकवादी हमले की स्थिति का वास्तविक प्रदर्शन किया जा रहा था। इस प्रशिक्षण में एसटीएफ और एटीएस के जवान भी शामिल थे, जिन्हें हाई-रिस्क ऑपरेशन से निपटने की तकनीक सिखाई जा रही थी। 7 अप्रैल से एसटीएफ और एटीएस का विस्तृत प्रशिक्षण भी होना है।
भदभदा की बटालियन में अभ्यास सत्र में फट गए थे बम
राजधानी में सुरक्षा एजेंसियों की मॉक ड्रिल के दौरान पूर्व में भी हादसे हो चुके हैं। मई 2025 में पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भदभदा स्थित बटालियन में चल रहे अभ्यास सत्र के दौरान ही बम फट गया था, जिससे एसएएफ के दो कर्मचारी घायल हो गए थे। रावेंद्र भदौरिया की मौत को लेकर भी मेडिकल तैयारियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।






































