वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कांग्रेस को एक खर्च प्रस्ताव भेजा है, जिसमें अलग साल के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर के भारी-भरकम रक्षा बजट की मांग की गई है। यह पिछले साल के रक्षा बजट के मुकाबले 42% ज्यादा है। यह मांग इसलिए की गई है क्योंकि ईरान के साथ युद्ध के कारण अमेरिका का रक्षा खर्च बहुत बढ़ गया है। पेंटागन के खर्च में दूसरे विश्वयुद्ध के बाद यह सबसे बड़ी बढ़ोतरी होगी।
सैन्य खर्च पर ट्रंप प्रशासन का जोर
इस अनुरोध का मतलब है कि 2026 के लिए पेंटागन के कुल बजट में 42% की बढ़ोतरी करने की योजना है। हालांकि, वाइट हाउस से शुक्रवार को जारी यह बजट प्रस्ताव कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है और इसके लिए कांग्रेस से मंजूरी लेनी पड़ती है। लेकिन यह वाइट हाउस की प्राथमिकताओं को रेखांकित करता है, जिसमें सैन्य खर्च और कानून व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है।
455 अरब डॉलर की बढ़ोतरी
1.5 ट्रिलियन डॉलर के इस प्रस्ताव में वित्त वर्ष 2026 की तुलना में लगभग 455 अरब डॉलर की बढ़ोतरी शामिल है। यह 200 अरब डॉलर के उस आपातकालीन प्रस्ताव से अलग है, जिसकी मांग ट्रंप प्रशासन ने कांग्रेस से की थी। यह मांग 28 फरवरी को ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल के युद्ध में मदद के लिए की गई थी।
MAGA समर्थकों की नाराजगी का डर
- डोनाल्ड ट्रंप की भारी-भरकम रक्षा बजट की मांग उनके ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ (MAGA) समर्थकों की नाराजगी को बढ़ा सकती है।
- इसके पहले 200 अरब डॉलर की मांग ने ही ट्रंप के MAGA समर्थक आधार के कुछ प्रमुख लोगों को नाराज कर दिया था।
- MAGA समर्थकों का तर्क है कि इस संघर्ष पर अधिक पैसा खर्च करना राष्ट्रपति के अमेरिका फर्स्ट के वादों के खिलाफ है।
इस प्रस्ताव को जारी करने से पहले राष्ट्रपति और उनके सलाहकारों ने रक्षा खर्च बढ़ाने की तत्काल जरूरत पर जोर दिया। एक निजी लंच के दौरान ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि अन्य संघीय खर्चों के मुकाबले रक्षा फंडिंग को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, भले ही इसके लिए सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों और अन्य सहायता योजनाओं में कटौती करनी पड़े। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता सैन्य सुरक्षा ही होनी चाहिए।

































