नई दिल्ली: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले को एक महीने से ज्यादा हो गए हैं। इससे भारत समेत दुनियाभर के शेयर बाजार सहम गए हैं। काफी निवेशकों की बड़ी रकम डूब गई है। भारतीय शेयर बाजार में आई तेज गिरावट के बाद अब ब्रोकरेज हाउस इसे निवेश का मौका मान रहे हैं। कई ब्रोकरेज फर्मों ने FY27 के लिए करीब 80 शेयरों को ‘वैल्यू बाय’ के रूप में चिन्हित किया है।हालिया गिरावट में बाजार करीब 8 से 10% तक टूट चुका है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, युद्ध की आशंका और कंपनियों की कमाई पर दबाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक कोटक इक्विटीज का मानना है कि बाजार या तो लंबे युद्ध को लेकर चिंतित है या फिर अल्पकालिक झटकों को स्थायी मान रहा है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि तनाव कुछ हफ्तों तक रहेगा, लेकिन तेल के बुनियादी ढांचे को स्थायी नुकसान नहीं होगा।
इन शेयरों में तेजी की उम्मीद
ब्रोकरेज हाउसों ने विभिन्न सेक्टरों से उन शेयरों को चुना है जिनमें रिकवरी की मजबूत संभावना है। इन्होंने कंजम्प्शन, डिजिटल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के शेयरों को प्राथमिकता दी है। प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
अब क्यों बन रहा मौका?
ब्रोकरेज फर्म्स ने ऐसे कई कारण बताए हैं जिनके अनुसार FY 27 ने निवेशकों के लिए बेहतर मौका बन रहा है। बाजार में फेवरेबल एंट्री पॉइंट बनने के ये कारण हैं:
- निफ्टी अब करीब 17.7x फॉरवर्ड P/E पर ट्रेड कर रहा है।
- वैल्यूएशन अब लंबी अवधि के औसत से नीचे है।
- उभरते बाजारों के मुकाबले प्रीमियम कम हुआ है।
क्या है एक्सपर्ट राय?
- एमके (Emkay) ने दिसंबर 2026 तक निफ्टी का लक्ष्य 29,000 बरकरार रखा है। उन्हें उम्मीद है कि FY27 में अर्निंग्स ग्रोथ 15% के आसपास रहेगी।
- कच्चे तेल की कीमतें अभी भी सबसे बड़ा जोखिम हैं। अगर युद्ध लंबा खिंचता है, तो मुद्रास्फीति (Inflation) और कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।

































