नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2025-26 में सरकार ने बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के मामले में बड़ी उपलब्धि हासिल की। इस दौरान सड़क परिवहन और रेलवे मंत्रालयों ने अपने पूंजीगत व्यय (Capex) का 100% इस्तेमाल किया। दोनों मंत्रालयों का कुल कैपेक्स करीब 5.5 लाख करोड़ रुपये रहा। इस दौरान रेलवे की यात्रियों से कमाई में तेजी आई। वहीं कई ट्रेनें भी शुरू की गईं। NHAI ने पिछले साल के मुकाबले इस बार ज्यादा लंबे हाईवे बनाए।
रेलवे ने बनाए कई रेकॉर्ड
भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में कई उपलब्धियां हासिल कीं। साथ ही कई रेकॉर्ड भी बनाए।
- भारतीय रेल की यात्री आय 6% बढ़कर करीब 80,000 करोड़ रुपये हो गई।
- पिछले वित्त वर्ष के दौरान रेलवे ने रिकॉर्ड 741 करोड़ यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया।
- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को राज्यसभा में जानकारी दी कि भारी भीड़ को संभालने के लिए रेलवे ने पिछले साल 76,352 विशेष ट्रेनें चलाईं।
- माल ढुलाई (फ्रेट) से आय में 1.4% की बढ़ोतरी हुई और यह 17.8 लाख करोड़ रुपये तक पहुंची।
- रेलवे ने 1,670 मिलियन टन (MT) की लोडिंग की, जो अब तक का सर्वकालिक उच्च स्तर है, हालांकि यह 1,700 MT के निर्धारित लक्ष्य से थोड़ा कम रहा।
- फर्टिलाइजर, पिग आयरन और तैयार स्टील की ढुलाई में 13% की तेजी आई। वहीं लौह अयस्क (6.7%) और सीमेंट (3.4%) की ढुलाई में भी बड़ी वृद्धि दर्ज की गई।
NHAI ने लक्ष्य से 15% अधिक हाईवे बनाए
सड़क परिवहन मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने निर्माण कार्यों में जबरदस्त तेजी दिखाई है। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 में कुल 9100 किमी हाईवे का निर्माण किया गया। NHAI ने 5,313 किमी नेशनल हाईवे का निर्माण किया, जो कि वर्ष के लिए तय 4,640 किमी के लक्ष्य से 15% अधिक है।
एनएचएआई का कुल पूंजीगत व्यय 2.4 लाख करोड़ रुपये रहा। यह बजटीय सहायता से 2.5% अधिक है, जिसकी पूर्ति एनएचएआई ने अपने स्वयं के संसाधनों से की है। इस दौरान 6,500 किमी के नए कार्यों के ठेके भी आवंटित किए गए।

































